By Malay Ojha | Published: 24 June 2026 at 10:23 PM
बिहार ने बिजली खपत के मामले में नया इतिहास रच दिया है। चौबीस जून की रात साढ़े नौ बजे राज्य में बिजली की मांग पहली बार नौ हजार इकतीस मेगावाट तक पहुंच गई। खास बात यह रही कि इतनी बड़ी मांग के बावजूद पूरे राज्य में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति जारी रही, जिसे ऊर्जा विभाग अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
राज्य में जैसे-जैसे गर्मी और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे बिजली की मांग भी लगातार ऊपर जा रही है। इस बीच मंगलवार रात दर्ज की गई यह मांग अब तक की सबसे अधिक मानी जा रही है। ऊर्जा विभाग ने दावा किया कि इस भारी दबाव के बावजूद किसी भी इलाके में बड़े स्तर पर बिजली संकट नहीं होने दिया गया।
पूरी क्षमता के साथ काम में जुटी रहीं सभी इकाइयां
बिहार विद्युत क्षेत्र से जुड़ी सभी इकाइयों ने इस रिकॉर्ड मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। उत्पादन से लेकर प्रसारण और वितरण तक पूरी व्यवस्था सक्रिय रही। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए पिछले कुछ समय से जो काम किए जा रहे थे, उनका असर अब साफ दिखाई दे रहा है।
ऊर्जा विभाग ने इसे विकास का संकेत बताया
ऊर्जा विभाग के मुताबिक यह रिकॉर्ड केवल खपत का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि राज्य में आर्थिक गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं। घरों में उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा है, छोटे कारोबार मजबूत हुए हैं और गांवों तक बिजली की पहुंच पहले से ज्यादा भरोसेमंद हुई है।
हर घर तक बिजली पहुंचाने की नीति दिखा रही असर
सरकार की ओर से लगातार ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली नेटवर्क को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। ट्रांसफार्मर बदलने, नई लाइनें बिछाने और उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे कदमों का फायदा अब दिखने लगा है। यही वजह है कि रिकॉर्ड मांग के समय भी आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रही।
ऊर्जा सचिव ने टीम की मेहनत को दिया श्रेय
ऊर्जा सचिव सह बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष अजय यादव ने कहा कि राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ना बिहार की बदलती तस्वीर का संकेत है। उनके मुताबिक यह दिखाता है कि लोगों का जीवन स्तर सुधर रहा है और आर्थिक गतिविधियां विस्तार ले रही हैं।
बढ़ती मांग को संभालने की तैयारी पहले से तेज
अजय यादव ने कहा कि आने वाले महीनों और वर्षों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। इसे देखते हुए विभाग पहले से ही अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है और वितरण तंत्र को और बेहतर बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में भी निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।
बिहार में ऊर्जा क्षेत्र की बदलती तस्वीर
कुछ साल पहले तक बिहार में बिजली कटौती आम बात थी, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। रिकॉर्ड मांग के बावजूद स्थिर आपूर्ति इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। यह राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में बढ़ते भरोसे को भी दिखाता है।
आने वाले समय में और बढ़ सकता है दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी, खेती, छोटे उद्योग और घरेलू जरूरतों के कारण बिजली की मांग आगे और तेज हो सकती है। ऐसे में विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती इसी रफ्तार को बनाए रखना होगी।
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