By Malay Ojha | Published: 07 July 2026 at 08:54 AM
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। मैदान पर शांत स्वभाव, बड़े मुकाबलों में शानदार फैसले और देश को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले धोनी की जिंदगी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रही। उनके जीवन से जुड़ी कई ऐसी दिलचस्प बातें हैं, जिनसे आज भी बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक अनजान हैं। जन्मदिन के खास मौके पर जानते हैं धोनी से जुड़े सात ऐसे किस्से, जो उन्हें बाकी खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग बनाते हैं।
धोनी के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा उनकी उस आदत की होती रही है कि वह अक्सर किसी का फोन नहीं उठाते। कई पूर्व खिलाड़ी और करीबी दोस्त भी इस बात का जिक्र कर चुके हैं। एक कार्यक्रम में खुद धोनी ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए बताया था कि उनका तकनीक से बहुत ज्यादा लगाव नहीं है। उनका कहना था कि वे जरूरत के हिसाब से ही मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए कई बार लोगों को जवाब नहीं मिल पाता।
सेना की वर्दी सिर्फ सम्मान नहीं, जिम्मेदारी भी थी
विश्व कप जीतने के बाद धोनी को भारतीय प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी। लेकिन उन्होंने इसे सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रखा। देश सेवा की इच्छा के चलते उन्होंने कठिन सैन्य प्रशिक्षण लिया और पैरा-ट्रूपर बनने का फैसला किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने आगरा में विमान से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई से कई बार पैराशूट जंप भी की थी।
क्रिकेट से पहले रेलवे की नौकरी की
आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले धोनी ने करियर की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से की थी। क्रिकेट में पहचान मिलने से पहले उन्होंने रेलवे में टिकट परीक्षक की नौकरी की। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्टेशन पर काम करते हुए उन्होंने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी निभाई। उस समय उनकी मासिक आय करीब तीन हजार रुपये थी।
लंबे बालों के पीछे था यह खास कारण
धोनी के लंबे बाल एक समय युवाओं के बीच फैशन बन गए थे। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी उनके बालों की तारीफ की थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि धोनी ने यह स्टाइल अपने पसंदीदा अभिनेता जॉन अब्राहम से प्रेरित होकर अपनाया था। बाद में यही उनकी पहचान बन गई।
रोज पांच लीटर दूध पीने वाली बात सच नहीं थी
कई साल तक यह चर्चा होती रही कि धोनी रोज चार से पांच लीटर दूध पीते हैं। हालांकि बाद में उन्होंने खुद साफ किया कि यह सिर्फ अफवाह थी। उन्होंने बताया कि उन्हें दूध, मिल्क शेक और चॉकलेट पसंद हैं, लेकिन वह सामान्य मात्रा में ही इनका सेवन करते थे।
क्रिकेट नहीं, पहले फुटबॉल और बैडमिंटन पसंद था
धोनी बचपन में क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे। उन्हें फुटबॉल और बैडमिंटन ज्यादा पसंद था। स्कूल की फुटबॉल टीम में वह गोलकीपर थे। उनके खेल से प्रभावित होकर खेल शिक्षक ने उन्हें क्रिकेट टीम में विकेटकीपर के रूप में आजमाने की सलाह दी। यही फैसला आगे चलकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
बाइक्स का ऐसा शौक, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाए
धोनी का मोटरसाइकिल प्रेम किसी से छिपा नहीं है। उनके रांची स्थित फार्महाउस में दो मंजिला गैराज है, जहां डेढ़ सौ से अधिक मोटरसाइकिलें रखी गई हैं। खास बात यह है कि उन्हें सिर्फ बाइक खरीदने का ही नहीं, बल्कि खुद उनकी सफाई और मरम्मत करने का भी शौक है। उनके संग्रह में पुरानी भारतीय बाइकों से लेकर दुनिया की कई दुर्लभ और महंगी मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
धोनी इसलिए हैं सबसे अलग
क्रिकेट मैदान पर उनकी उपलब्धियां दुनिया जानती है, लेकिन सादगी, अनुशासन, देश सेवा के प्रति सम्मान और सामान्य जीवन जीने का तरीका उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान देता है। यही वजह है कि संन्यास के बाद भी महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता पहले जैसी ही बनी हुई है और उनका हर जन्मदिन करोड़ों प्रशंसकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं।
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