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टिन्नू यादव से संबंध के आरोप पर भड़के अखिलेश यादव, निशिकांत दुबे को 10 मिनट का अल्टीमेटम; बोले- पोस्ट हटाओ, वरना केस होगा

By Malay Ojha | Published: 06 July 2026 at 11:09 PM

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों के बाद विवाद बढ़ गया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद को 10 मिनट के भीतर पोस्ट हटाने की चेतावनी दी और ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही।

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव का संबंध अखिलेश यादव से है। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया और समाजवादी पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

10 मिनट में पोस्ट हटाने की दी चेतावनी
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि जितना अधिकार सत्ता पक्ष के सांसदों को है, उतना ही अधिकार विपक्ष के सांसदों को भी प्राप्त है। उन्होंने भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शालीनता और संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए भाजपा सांसद को 10 मिनट के भीतर कथित झूठी पोस्ट हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों को भी चेतावनी
अखिलेश यादव ने केवल भाजपा सांसद ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को भी निशाने पर लिया जिन्होंने इस पोस्ट को साझा किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के कथित झूठे दावे सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, वे तुरंत पोस्ट हटाकर सार्वजनिक माफी मांगें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।

पीडीए समाज को बदनाम करने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पूरे मामले के जरिए पीडीए समाज को बदनाम और अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक सुनियोजित तरीके से झूठा प्रचार कर रहे हैं। उनका दावा है कि पीडीए समाज इस तरह के आरोपों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

चढ़ावा चोरी विवाद पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने बयान में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर चढ़ावा और दान से जुड़े विवादों के आरोप लग रहे हैं, वे अब जनता के गुस्से से बचने के लिए छिपे हुए हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष पर आरोप लगाने वालों में सच्चाई का साहस है तो वे अयोध्या की जनता के सामने आकर अपनी बात साबित करें।

निशिकांत दुबे ने आरोप वापस लेने से किया इनकार
अखिलेश यादव की चेतावनी के बावजूद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को लगता है कि उन्होंने गलत कहा है तो उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने लिखा कि उन्हें अदालत में अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

पुराने विवाद का भी किया जिक्र
अपने जवाब में निशिकांत दुबे ने वर्ष 1990 का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय रामभक्तों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर अदालत में तथ्य सामने आएंगे और वह कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

सियासत और तेज होने के संकेत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ अखिलेश यादव मानहानि और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी ओर निशिकांत दुबे अपने बयान पर कायम रहते हुए अदालत तक जाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर और गर्मा सकता है।

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टिन्नू यादव से संबंध के आरोप पर भड़के अखिलेश यादव, निशिकांत दुबे को 10 मिनट का अल्टीमेटम; बोले- पोस्ट हटाओ, वरना केस होगा

By Malay Ojha | Published: 06 July 2026 at 11:09 PM

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों के बाद विवाद बढ़ गया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद को 10 मिनट के भीतर पोस्ट हटाने की चेतावनी दी और ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही।

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे टिन्नू यादव का संबंध अखिलेश यादव से है। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया और समाजवादी पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

10 मिनट में पोस्ट हटाने की दी चेतावनी
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि जितना अधिकार सत्ता पक्ष के सांसदों को है, उतना ही अधिकार विपक्ष के सांसदों को भी प्राप्त है। उन्होंने भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शालीनता और संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए भाजपा सांसद को 10 मिनट के भीतर कथित झूठी पोस्ट हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों को भी चेतावनी
अखिलेश यादव ने केवल भाजपा सांसद ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को भी निशाने पर लिया जिन्होंने इस पोस्ट को साझा किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के कथित झूठे दावे सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, वे तुरंत पोस्ट हटाकर सार्वजनिक माफी मांगें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।

पीडीए समाज को बदनाम करने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पूरे मामले के जरिए पीडीए समाज को बदनाम और अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक सुनियोजित तरीके से झूठा प्रचार कर रहे हैं। उनका दावा है कि पीडीए समाज इस तरह के आरोपों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

चढ़ावा चोरी विवाद पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने बयान में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर चढ़ावा और दान से जुड़े विवादों के आरोप लग रहे हैं, वे अब जनता के गुस्से से बचने के लिए छिपे हुए हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष पर आरोप लगाने वालों में सच्चाई का साहस है तो वे अयोध्या की जनता के सामने आकर अपनी बात साबित करें।

निशिकांत दुबे ने आरोप वापस लेने से किया इनकार
अखिलेश यादव की चेतावनी के बावजूद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को लगता है कि उन्होंने गलत कहा है तो उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने लिखा कि उन्हें अदालत में अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

पुराने विवाद का भी किया जिक्र
अपने जवाब में निशिकांत दुबे ने वर्ष 1990 का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय रामभक्तों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर अदालत में तथ्य सामने आएंगे और वह कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

सियासत और तेज होने के संकेत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ अखिलेश यादव मानहानि और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी ओर निशिकांत दुबे अपने बयान पर कायम रहते हुए अदालत तक जाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर और गर्मा सकता है।

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