By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 11:33 AM
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी श्रृंखला से पहले एक बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान विराट कोहली चोट की वजह से इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि उन्हें हैमस्ट्रिंग में समस्या हुई है, जिसके चलते मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी है। यह खबर सामने आते ही क्रिकेट प्रशंसकों में निराशा फैल गई है।
हाल ही में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग में विराट कोहली का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। उन्होंने अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मात्र बयालीस गेंदों पर पचहत्तर रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी।
हालांकि मैच के दौरान ही वे दौड़ते समय असहज नजर आए थे, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और पूरी जिम्मेदारी के साथ टीम को जीत तक पहुंचाया।
मेडिकल जांच में सामने आई चोट की सच्चाई
फाइनल के बाद हुई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विराट कोहली हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं। हालांकि चोट की गंभीरता को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इतना तय है कि वे आगामी श्रृंखला से बाहर रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला पूरी तरह मेडिकल टीम की सलाह के आधार पर लिया गया है ताकि खिलाड़ी की फिटनेस पर कोई लंबा असर न पड़े।
अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला का कार्यक्रम
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली श्रृंखला का कार्यक्रम पहले ही तय हो चुका है। पहला मुकाबला चौदह जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मैच सत्रह जून को लखनऊ में और तीसरा मुकाबला बीस जून को चेन्नई में आयोजित होगा।
इस श्रृंखला में टीम इंडिया नए संयोजन के साथ मैदान में उतर सकती है, क्योंकि कई सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति टीम संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
आईपीएल में बनाए थे शानदार आंकड़े
इस सीजन में विराट कोहली ने कुल सोलह मैचों में छह सौ पचहत्तर रन बनाए थे। उनका औसत छप्पन से अधिक रहा और उन्होंने पूरे सीजन में लगातार रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता दोनों देखने को मिली, जिससे वे एक बार फिर चर्चा में आ गए थे।
टीम इंडिया की संभावित रणनीति पर असर
कोहली के बाहर होने से टीम इंडिया की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। मध्यक्रम में अनुभव की कमी महसूस की जा सकती है। चयनकर्ताओं के सामने अब नई चुनौती यह होगी कि किस खिलाड़ी को उनकी जगह शामिल किया जाए।
टीम प्रबंधन जल्द ही अंतिम निर्णय ले सकता है ताकि श्रृंखला से पहले पूरी तैयारी की जा सके।

