By Malay Ojha | Published: 10 August 2026 at 11:19 AM
भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने बताया है कि 2024 में राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। लक्ष्मण ने इसके पीछे निजी और पारिवारिक वजहों के साथ-साथ बीसीसीआई के साथ किए गए अपने एक खास वादे का भी जिक्र किया।
लक्ष्मण के इस खुलासे के बाद उन अटकलों पर भी काफी हद तक विराम लग गया है, जिनमें लंबे समय से यह सवाल उठता रहा कि राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी उनके बजाय गौतम गंभीर को क्यों दी गई। बीसीसीआई ने 2024 में द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए मुख्य कोच के लिए आवेदन मंगाए और आखिरकार गौतम गंभीर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
परिवार की वजह से लिया बड़ा फैसला
लक्ष्मण ने बताया कि उनके सामने टीम इंडिया के मुख्य कोच बनने का मौका था, लेकिन उस समय कुछ निजी कारणों की वजह से वह यह पद स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने बीसीसीआई के तत्कालीन सचिव जय शाह से इस बारे में बातचीत भी की थी। लक्ष्मण के मुताबिक, शाह ने उनकी स्थिति को समझा और उन्हें अपने फैसले के मुताबिक काम करने की आजादी दी।
बीसीसीआई से किया था खास वादा
लक्ष्मण के फैसले की एक और बड़ी वजह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को लेकर उनकी प्रतिबद्धता थी। उन्होंने बताया कि बीसीसीआई ने उन्हें अपनी सोच के मुताबिक इस संस्था को तैयार करने की पूरी छूट दी थी। मौजूदा सचिव देवजीत सैकिया के कार्यकाल में भी उन्हें यही स्वतंत्रता मिलती रही। इसी वजह से लक्ष्मण ने दो साल के लिए अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने का फैसला किया और बोर्ड से साफ तौर पर कह दिया कि वह इस दौरान मुख्य कोच का पद स्वीकार नहीं करेंगे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को पूरा आकार देना चाहते थे
लक्ष्मण का कहना है कि वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की व्यवस्था को अधूरा छोड़कर आगे नहीं बढ़ना चाहते थे। उनकी कोशिश थी कि संस्था की पूरी संरचना, काम करने का तरीका और जरूरी प्रक्रियाएं मजबूत तरीके से तैयार हो जाएं। इसके बाद ही वह अपनी अगली भूमिका के बारे में सोचेंगे। उनके नेतृत्व में पुरानी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी का विस्तार होकर एक बड़े क्रिकेट केंद्र के रूप में विकास हुआ।
द्रविड़ के बाद गंभीर को मिली जिम्मेदारी
राहुल द्रविड़ के कार्यकाल का अंत 2024 में टी20 विश्व कप जीत के साथ हुआ था। इसके बाद बीसीसीआई ने नए मुख्य कोच की तलाश शुरू की और 9 जुलाई 2024 को गौतम गंभीर की नियुक्ति की घोषणा कर दी। बोर्ड के मुताबिक गंभीर ने श्रीलंका दौरे से अपनी जिम्मेदारी संभाली थी।
गंभीर के कार्यकाल में भारत ने जीते बड़े खिताब
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और इसके बाद 2026 में घरेलू जमीन पर टी20 विश्व कप का खिताब भी अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुताबिक, 2026 का टी20 विश्व कप जीत भारत का इस प्रतियोगिता में तीसरा खिताब था और लगातार दूसरी बार टीम ने यह ट्रॉफी जीती।
लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बढ़ी मुश्किलें
इन सफलताओं के बावजूद गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में कई झटके भी लगे। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में हार ने टीम की तैयारी और रणनीति पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में निराशा हाथ लगी। सीमित ओवर के क्रिकेट में भी कुछ श्रृंखलाओं के नतीजे टीम की उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
लक्ष्मण का नाम फिर चर्चा में क्यों आया?
अब लक्ष्मण का नाम एक बार फिर बीसीसीआई की बड़ी जिम्मेदारी को लेकर चर्चा में है। अजित अगरकर का चयन समिति प्रमुख के रूप में कार्यकाल सितंबर में खत्म होने की बात सामने आ रही है और ऐसे में लक्ष्मण का नाम संभावित दावेदारों में जोड़ा जा रहा है। हालांकि, लक्ष्मण ने फिलहाल इस पद को लेकर कोई फैसला सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया है। ताजा बातचीत में उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ अपने काम और भविष्य की भूमिका पर ही ज्यादा जोर दिया।
चयनकर्ता बनने पर अभी कोई साफ जवाब नहीं
लक्ष्मण से जब भविष्य की भूमिका को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मुख्य कोच का पद ठुकराने के पीछे अपनी वजहें तो साफ कर दीं, लेकिन चयन समिति के प्रमुख पद को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की। ऐसे में उनके अगले कदम पर अभी नजर बनी हुई है। फिलहाल इतना जरूर साफ है कि भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका को लेकर बीसीसीआई की दिलचस्पी बनी हुई है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को लेकर भी बोले लक्ष्मण
लक्ष्मण ने इस दौरान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। हाल के दिनों में भारतीय खिलाड़ियों की लगातार चोटों के कारण इस संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। लक्ष्मण ने साफ कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को सिर्फ खिलाड़ियों की चोट ठीक करने वाली जगह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक इसका काम खिलाड़ियों को बेहतर बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करने से भी जुड़ा है।
चोट और खिलाड़ियों की फिटनेस पर क्या बोले?
लक्ष्मण ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की चोट से जुड़ी हर स्थिति को एक तय समयसीमा में नहीं बांधा जा सकता, क्योंकि हर खिलाड़ी का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल होने की बात भी कही। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को तभी टीम में वापस भेजा जाता है, जब वह तय फिटनेस मानकों को पूरा कर लेते हैं।
अब लक्ष्मण के अगले कदम पर नजर
वीवीएस लक्ष्मण ने 2024 में टीम इंडिया के मुख्य कोच की जिम्मेदारी लेने से इनकार करके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मजबूत करने का रास्ता चुना था। अब जब उनके नाम की चर्चा चयन समिति प्रमुख जैसे अहम पद के लिए हो रही है, तो क्रिकेट प्रशंसकों की नजर उनके अगले फैसले पर है। फिलहाल लक्ष्मण ने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं, लेकिन इतना जरूर बता दिया है कि टीम इंडिया का मुख्य कोच बनने का मौका उनके पास आया था और उन्होंने सोच-समझकर उसे ठुकराया था।
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