By Malay Ojha | Published: 31 August 2026 at 10:30 PM
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कला संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से ‘वैज्ञानिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनुप्रयोग’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 1 से 3 सितंबर तक किया जाएगा। AAISR-2026 नाम की यह कार्यशाला हाइब्रिड मोड में होगी और इसमें देशभर के शोधकर्ता, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे।
कार्यशाला में BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी मुख्य अतिथि होंगे। IIT BHU के प्रो. संजय कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि और कला संकाय की डीन प्रो. सुषमा घिल्डियाल अध्यक्षता करेंगी। कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस, पुस्तकालय विज्ञान, शारीरिक शिक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञ भी अपने विचार रखेंगे।
शिव के विभिन्न स्वरूपों पर पुस्तक कुलपति को भेंट
प्रो. मारुति नंदन तिवारी और प्रो. शांति स्वरूप सिन्हा ने ‘Manifestation of Shiv Mahadev’ पुस्तक BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को भेंट की। पुस्तक में भारतीय संस्कृति, शास्त्र और कला में शिव के विभिन्न स्वरूपों के साथ देशभर में मौजूद शिव मंदिरों और मूर्तियों का चित्रों व शब्दों के माध्यम से विवरण दिया गया है।
दक्षिणी परिसर में कई सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे कुलपति
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी 1 सितंबर को BHU के दक्षिणी परिसर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सेंट्रल हिंदू स्कूल भवन के प्रथम तल का उद्घाटन करेंगे और स्वास्थ्य केंद्र की टेलीमेडिसिन सुविधा से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वे नवप्रवेशी स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी संबोधित करेंगे।
BHU के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. परमानंद सिंह का निधन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख प्रो. परमानंद सिंह का 31 अगस्त को सुबह करीब 10:30 बजे निधन हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा और वे गरीब बच्चों की शिक्षा एवं विकास से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रहे। वे सीर गोवर्धनपुर के मूल निवासी थे।
साहित्यिक विरासत बचाने पर BHU में व्याख्यान
सामाजिक विज्ञान संकाय के इतिहास विभाग के हेरिटेज मैनेजमेंट कार्यक्रम में एशियन लेगेसी लाइब्रेरी की कार्यकारी निदेशक एम्मा लुईस ने साहित्यिक विरासत को सुरक्षित रखने और उस तक पहुंच बढ़ाने पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण, सूचीकरण, डिजिटलीकरण और उन्हें ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर जानकारी दी।
‘भारत अध्ययन’ कार्यशाला में शिक्षा के मकसद पर चर्चा
BHU के भारत अध्ययन केंद्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, वाराणसी के संयुक्त आयोजन में 10 से 31 अगस्त तक चली 15 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हुआ। पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपनी कमियों को पहचानने और समाज के काम आने योग्य बनाने की क्षमता देना है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान से जोड़ने पर जोर
समापन सत्र में प्रो. सुषमा घिल्डियाल समेत कई शिक्षाविदों ने भारत अध्ययन की व्यापकता पर विचार रखे। कार्यशाला में भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्य, दर्शन, संस्कृति, कला और लोक परंपराओं पर चर्चा हुई। आयोजकों ने भारतीय ज्ञान को केवल अतीत के अध्ययन तक सीमित न रखकर वर्तमान और भविष्य की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया।
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