By Malay Ojha | Published: 05 June 2026 at 06:04 PM
पटना के चर्चित फायरिंग मामले में शिक्षाविद् फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम शामिल किया है। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए दोनों सुरक्षा कर्मियों ने दावा किया है कि भीड़ की ओर गोली चलाने का निर्देश उन्हें खान सर की तरफ से मिला था। इस खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस पूछताछ में सुरक्षा कर्मियों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनका कहना है कि घटना के दौरान की गई फायरिंग आत्मरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन यह कार्रवाई कथित रूप से खान सर के निर्देश पर हुई। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्राथमिकी में नाम आने से बढ़ा दबाव
फायरिंग प्रकरण में नाम सामने आने के बाद खान सर पर कानूनी दबाव बढ़ गया है। हालांकि अभी तक पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इस बीच शहर के शैक्षणिक जगत में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गिरफ्तारी के सवाल पर क्या बोले SSP?
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक जो तथ्य जांच में सामने आए हैं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जब्त हथियारों को वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वीडियो में गोली चलाते दिखाई देने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान जो भी नए सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि खान सर की संभावित गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया।
‘सबूत जिसके खिलाफ होंगे, कार्रवाई उसी पर होगी’
SSP ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति की पहचान या लोकप्रियता नहीं, बल्कि उपलब्ध प्रमाण ही कार्रवाई का आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि जिस किसी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलेंगे, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
खान सर के समर्थन में उतरे छात्र
मामले में नया मोड़ आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर जमा होने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि खान सर हमेशा छात्रों के हित में काम करते रहे हैं और उनका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं हो सकता। समर्थकों का तर्क है कि यदि सुरक्षा को लेकर कोई निर्देश दिया गया होगा तो उसका उद्देश्य केवल परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा होगा।
आखिर क्या हुआ था 2 जून की रात?
पूरा विवाद दो जून की रात शुरू हुआ था, जब खान सर के संस्थान के बाहर मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में कई वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए गए।
3 जून को हुईं पहली गिरफ्तारियां
मामले की जांच के दौरान तीन जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा था कि घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग इन गिरफ्तारियों के बाद मिले, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
चार जून को मामले ने नया मोड़ तब लिया जब फायरिंग से जुड़ा एक वीडियो सार्वजनिक किया गया। वीडियो सामने आने के बाद खान सर की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। इसी दौरान विरोधी पक्ष की ओर से उनकी गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई।
पुलिस पहुंची कोचिंग संस्थान
उसी दिन शाम को पुलिस टीम खान सर के संस्थान पहुंची। अधिकारियों ने वीडियो की पुष्टि करने और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की। बाद में दोनों सुरक्षा कर्मियों को थाने ले जाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है। हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट, वीडियो की तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच में ऐसे पर्याप्त प्रमाण मिलेंगे, जिनके आधार पर खान सर के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई की जाए।

