By Malay Ojha | Published: 05 June 2026 at 08:04 AM
बिहार की राजनीति में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में कटौती कर दी गई है। पहले दोनों को Z+ श्रेणी की उच्च स्तरीय सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन अब इसे घटाकर नए सुरक्षा मानकों के अनुसार पुनर्गठित किया गया है।
यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हालिया समीक्षा और मौजूदा खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है। इसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पहले मिलती थी Z+ सुरक्षा, अब बदली व्यवस्था
पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z+ सुरक्षा के तहत दर्जनों सुरक्षाकर्मी, एस्कॉर्ट वाहन और हाउस गार्ड की सुविधा दी जाती थी। यह सुरक्षा उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और उच्च राजनीतिक व्यक्तित्व होने के कारण उपलब्ध कराई गई थी।
लेकिन अब सुरक्षा मानकों में बदलाव करते हुए यह तय किया गया है कि सुरक्षा स्तर व्यक्ति के वर्तमान पद, सक्रिय भूमिका और खुफिया इनपुट पर आधारित होगा। इसी आधार पर उनकी सुरक्षा में कटौती की गई है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा यथावत, Y+ कैटेगरी जारी
वहीं तेजस्वी यादव की सुरक्षा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह Y+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी।
सुरक्षा समिति का मानना है कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण होता है और कैबिनेट मंत्री के समकक्ष माना जाता है। साथ ही उनकी लगातार राजनीतिक गतिविधियों, जनसभाओं और दौरे को देखते हुए सुरक्षा जारी रखना जरूरी समझा गया है।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा घटाई गई
पूर्व मंत्री और विधायक तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया है। पहले उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा मिलती थी, लेकिन अब इसे घटाकर केवल व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी तक सीमित कर दिया गया है। यह बदलाव मंत्री पद छोड़ने के बाद सुरक्षा नियमों के पुनर्मूल्यांकन के तहत लागू किया गया है।
मीसा भारती और राजश्री यादव की सुरक्षा भी बदली
सांसद मीसा भारती को अब निर्धारित संसदीय प्रोटोकॉल के तहत तीन सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं राजश्री यादव को एक व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मी दिया गया है। उनका कोई संवैधानिक पद नहीं होने के बावजूद पारिवारिक सुरक्षा और सार्वजनिक उपस्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा बदलाव नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा अब स्थायी नहीं होती, बल्कि समय-समय पर खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती है।
लालू परिवार के विभिन्न सदस्यों की अलग-अलग भूमिकाओं और पदों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुनर्गठित किया गया है।
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