By Malay Ojha | Published: 09 July 2026 at 11:34 AM
शादी के 17 साल, तीन बच्चों की परवरिश, परिवार की जिम्मेदारियां और स्कूल के संचालन की व्यस्त दिनचर्या। इन सबके बीच अपने सपनों को जिंदा रखना आसान नहीं होता। लेकिन मुजफ्फरपुर की रहने वाली और शांति निकेतन स्कूल की निदेशक सोनी गुप्ता ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो उम्र, जिम्मेदारियां और परिस्थितियां सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। राजधानी पटना में आयोजित प्रतिष्ठित मिसेज बिहार 2026 प्रतियोगिता में उन्होंने विजेता का ताज अपने नाम कर पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले पटना के पनाश कौटिल्य होटल में आयोजित किया गया, जहां बिहार के अलग-अलग जिलों से आई करीब 100 विवाहित महिलाओं ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बाद सोनी गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। नेहा डे को प्रथम रनर-अप और ज्योति पाठक को द्वितीय रनर-अप घोषित किया गया। विजेता बनने के बाद सोनी गुप्ता को मिसेज वर्ल्ड 2025 सरगम कौशल ने मंच पर ताज पहनाकर सम्मानित किया।
जीत के साथ मिला नकद पुरस्कार
खिताब जीतने के बाद सोनी गुप्ता को ट्रॉफी के साथ 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई। यह सम्मान आइसब्रेकर ओसियन विज़न प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रवीण सिन्हा की ओर से दिया गया। मंच पर सम्मान मिलने के बाद पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी और उनकी सफलता का जश्न मनाया गया।
पहली बार ब्यूटी पेजेंट में रखा कदम
दिलचस्प बात यह है कि सोनी गुप्ता ने इससे पहले कभी किसी ब्यूटी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। यह उनका पहला मंच था। स्कूल की जिम्मेदारियों, घर की देखभाल और तीन बच्चों की परवरिश के बीच उन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी के लिए केवल 15 दिनों का विशेष ग्रूमिंग प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने व्यक्तित्व विकास, मंच पर प्रस्तुति और संवाद कौशल पर लगातार मेहनत की। उनकी यही तैयारी निर्णायकों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई।
पति पहले नहीं थे तैयार, फिर बने सबसे बड़े सहारा
सोनी गुप्ता ने बताया कि जब उन्हें इस प्रतियोगिता की जानकारी मिली तो उन्होंने सबसे पहले अपने चिकित्सक पति से इसमें हिस्सा लेने की इच्छा जताई। शुरुआत में उनके पति इस फैसले के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने मना कर दिया। हालांकि बाद में जब सोनी ने अपने सपनों और इस मंच के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया तो उनका नजरिया बदल गया। इसके बाद उनके पति हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे और पूरी तैयारी के दौरान उनका हौसला बढ़ाते रहे।
महिलाओं के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश
अपनी जीत को सोनी गुप्ता ने उन सभी महिलाओं को समर्पित किया है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। उनका कहना है कि शादी और बच्चों के बाद भी महिलाएं यदि आत्मविश्वास बनाए रखें और परिवार का सहयोग मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को अपने सपनों के लिए समय जरूर निकालना चाहिए।
अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नजर
सोनी गुप्ता की अगली मंजिल अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताएं हैं। उनका सपना वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। इसके अलावा उन्होंने भविष्य में फिल्मों और विज्ञापनों में भी काम करने की इच्छा जताई। उनका मानना है कि यह उपलब्धि उनके जीवन की मंजिल नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है।
मुजफ्फरपुर में खुशी का माहौल
सोनी गुप्ता की सफलता की खबर सामने आने के बाद मुजफ्फरपुर और उनके परिचितों के बीच खुशी का माहौल है। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी उपलब्धि को जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। यह सफलता यह संदेश भी देती है कि यदि दृढ़ निश्चय हो तो जिम्मेदारियां कभी सपनों की राह में बाधा नहीं बनतीं।
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