By Malay Ojha | Published: 21 June 2026 at 07:15 PM
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार अगले कदम पर फैसला करेगी। माना जा रहा है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जल्द ही संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसी बीच जांच के दायरे में आए लोगों को अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर गठित विशेष जांच टीम ने अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के स्तर पर समीक्षा के लिए रखी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा।
जांच के दायरे में कई अहम नाम
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई है। ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में बताई जा रही है। जांच टीम ने रिपोर्ट सौंपने से पहले संबंधित लोगों को अयोध्या छोड़कर बाहर नहीं जाने की सलाह दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सके।
सरकार ने शिकायत के बाद बनाई थी एसआईटी
मंदिर ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग उठने के बाद राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया था। टीम को आरोपों की सत्यता जांचने और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई थी। गठन के बाद से ही टीम लगातार दस्तावेजों की पड़ताल और संबंधित पक्षों से बातचीत कर रही थी।
रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद
प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है। हालांकि अभी तक रिपोर्ट की सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
विवाद के बीच मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कुछ लोग अयोध्या और राम जन्मभूमि को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि सच्चाई सामने लाने के लिए ही विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है।
‘सबूत हैं तो जांच टीम को दें’
मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंचों पर चर्चा करने के बजाय जांच टीम को सौंपना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद सच सामने आ जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
500 साल के संघर्ष का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े लंबे संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा था कि समाज ने वर्षों तक इंतजार किया है। ऐसे में जांच पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए और किसी भी तरह की अफवाह या राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुकी है और अब प्रशासनिक स्तर पर फैसले लिए जाने हैं। यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है तो आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इसी कारण अयोध्या से लेकर प्रदेश की राजनीति तक सभी की नजर अब मुख्यमंत्री के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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