National

spot_img

राबड़ी आवास क्यों खाली नहीं करना चाहता लालू परिवार? जेडीयू का दावा- ‘परिसर में छिपे हो सकते हैं बड़े राज’

By Malay Ojha | Published: 02 June 2026 at 02:01 PM

पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक आवास खाली नहीं होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इस बीच जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के लिए सरकारी बंगले के अधिकार को लेकर सवाल उठे थे। इसी क्रम में राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित किया गया, जबकि 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस भी जारी हुआ। हालांकि अब तक आवास खाली नहीं होने के कारण राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

नीरज कुमार ने उठाई खुदाई की मांग
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू नेता नीरज कुमार ने दावा किया कि 10 सर्कुलर रोड परिसर में कई ऐसे रहस्य छिपे हो सकते हैं जिनकी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग की मदद से पूरे परिसर की खुदाई कराई जानी चाहिए।

उनका कहना था कि बंगले के भीतर या परिसर में भूमिगत कक्ष मौजूद हो सकते हैं, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेज, जमीन से जुड़े कागजात, नकदी या अन्य मूल्यवान वस्तुएं रखी गई हों। नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ सामान्य है तो आवास खाली करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

बयान के बाद सियासत हुई और तेज
जदयू नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने भी आवास खाली करने के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर सवाल खड़े किए। दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान जनता के बीच नया विमर्श खड़ा करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री आवास पर भी उठे सवाल
इस पूरे विवाद के दौरान नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी विशेष सुविधा के कारण वहां नहीं रह रहे हैं बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा प्राप्त है। सुरक्षा एजेंसियों के मानकों को देखते हुए वर्तमान आवास उनके लिए उपयुक्त माना गया है।

उनके अनुसार मुख्यमंत्री का निवास सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा विषय है और इसकी तुलना अन्य मामलों से नहीं की जानी चाहिए।

राजद ने किया पलटवार
उधर राष्ट्रीय जनता दल ने जदयू के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राबड़ी देवी के करीबी माने जाने वाले सुनील सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए बंगले का मुद्दा उछाल रही है।

उन्होंने कहा कि अगर नियमों की बात की जा रही है तो सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री किस आधार पर अपने वर्तमान सरकारी आवास में रह रहे हैं। राजद नेताओं का कहना है कि यह विवाद पूरी तरह राजनीतिक है और इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।

आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 10 सर्कुलर रोड का आवास आखिर कब तक खाली किया जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश और नए आवास के आवंटन के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने इस मामले को और चर्चित बना दिया है।

फिलहाल बंगले को लेकर उठे नए दावों और खुदाई की मांग ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार, प्रशासन और विपक्ष की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

राबड़ी आवास क्यों खाली नहीं करना चाहता लालू परिवार? जेडीयू का दावा- ‘परिसर में छिपे हो सकते हैं बड़े राज’

By Malay Ojha | Published: 02 June 2026 at 02:01 PM

पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक आवास खाली नहीं होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इस बीच जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के लिए सरकारी बंगले के अधिकार को लेकर सवाल उठे थे। इसी क्रम में राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित किया गया, जबकि 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस भी जारी हुआ। हालांकि अब तक आवास खाली नहीं होने के कारण राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

नीरज कुमार ने उठाई खुदाई की मांग
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू नेता नीरज कुमार ने दावा किया कि 10 सर्कुलर रोड परिसर में कई ऐसे रहस्य छिपे हो सकते हैं जिनकी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग की मदद से पूरे परिसर की खुदाई कराई जानी चाहिए।

उनका कहना था कि बंगले के भीतर या परिसर में भूमिगत कक्ष मौजूद हो सकते हैं, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेज, जमीन से जुड़े कागजात, नकदी या अन्य मूल्यवान वस्तुएं रखी गई हों। नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ सामान्य है तो आवास खाली करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

बयान के बाद सियासत हुई और तेज
जदयू नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने भी आवास खाली करने के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर सवाल खड़े किए। दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान जनता के बीच नया विमर्श खड़ा करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री आवास पर भी उठे सवाल
इस पूरे विवाद के दौरान नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी विशेष सुविधा के कारण वहां नहीं रह रहे हैं बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा प्राप्त है। सुरक्षा एजेंसियों के मानकों को देखते हुए वर्तमान आवास उनके लिए उपयुक्त माना गया है।

उनके अनुसार मुख्यमंत्री का निवास सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा विषय है और इसकी तुलना अन्य मामलों से नहीं की जानी चाहिए।

राजद ने किया पलटवार
उधर राष्ट्रीय जनता दल ने जदयू के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राबड़ी देवी के करीबी माने जाने वाले सुनील सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए बंगले का मुद्दा उछाल रही है।

उन्होंने कहा कि अगर नियमों की बात की जा रही है तो सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री किस आधार पर अपने वर्तमान सरकारी आवास में रह रहे हैं। राजद नेताओं का कहना है कि यह विवाद पूरी तरह राजनीतिक है और इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।

आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 10 सर्कुलर रोड का आवास आखिर कब तक खाली किया जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश और नए आवास के आवंटन के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने इस मामले को और चर्चित बना दिया है।

फिलहाल बंगले को लेकर उठे नए दावों और खुदाई की मांग ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार, प्रशासन और विपक्ष की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES