By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 10:10 AM
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वैभव को इंग्लैंड दौरे पर अपने माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को साथ रखने की विशेष अनुमति दी गई है। बोर्ड का मानना है कि इतनी कम उम्र में विदेशी दौरे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव से तालमेल बैठाने के लिए पारिवारिक सहयोग जरूरी है।
यह सुविधा आमतौर पर किसी खिलाड़ी को नहीं मिलती, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में बोर्ड ने अलग सोच अपनाई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि वैभव अभी नाबालिग हैं और अब तक अपनी आयु वर्ग की टीमों के साथ ही यात्रा करते रहे हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों के बीच खुद को सहज महसूस कराने के लिए परिवार का साथ महत्वपूर्ण माना गया है।
बोर्ड ने बताया फैसले की वजह
देवजीत सैकिया के अनुसार, अंडर-19 स्तर पर खिलाड़ी अपने हमउम्र साथियों के बीच रहते हैं, जबकि सीनियर टीम का माहौल पूरी तरह अलग होता है। इसी वजह से बोर्ड ने तय किया कि वैभव के माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य उनके साथ रह सकता है, ताकि वह मानसिक रूप से सहज और आत्मविश्वास से भरे रहें।
श्रीलंका दौरे पर भी परिवार का साथ
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में इंडिया-ए टीम के साथ त्रिकोणीय श्रृंखला खेल रहे हैं। जानकारी के अनुसार उनके पिता भी जल्द वहां पहुंचने वाले हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवार इंग्लैंड दौरे पर भी साथ जाना चाहता है तो उसे आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
क्यों खास माना जा रहा है यह फैसला
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है। विदेशी परिस्थितियां, लगातार यात्रा, मीडिया का दबाव और अपेक्षाओं का बोझ युवा खिलाड़ियों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी उन्हें भावनात्मक मजबूती देने का काम कर सकती है।
वैभव के लिए शानदार रहा साल 2026
वैभव सूर्यवंशी के लिए वर्ष 2026 यादगार साबित हुआ है। उन्होंने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस पारी ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई।
आईपीएल में भी मचाया धमाल
इसके बाद घरेलू टी-20 लीग में भी वैभव का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनका आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और तेज रन बनाने की क्षमता चर्चा का विषय बनी रही। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी अपने नाम किए।
चयनकर्ताओं को करना पड़ा प्रभावित
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी माना कि वैभव ने अपने प्रदर्शन के बल पर टीम में जगह बनाई है। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में दबाव वाले मुकाबलों में जिस आत्मविश्वास और परिपक्वता के साथ वैभव खेल रहे हैं, वह बेहद दुर्लभ है।
भारतीय क्रिकेट को मिला नया सितारा
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट की बड़ी पहचान बन सकते हैं। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता, आत्मविश्वास और मैच का रुख बदलने की क्षमता दिखाई देती है। यही वजह है कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की उनसे उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं।
अब इंग्लैंड दौरे पर होंगी निगाहें
अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इंग्लैंड दौरे पर टिकी हैं। सभी यह देखना चाहते हैं कि घरेलू और जूनियर स्तर पर रिकॉर्ड बनाने वाला यह युवा बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस तरह अपनी छाप छोड़ता है। हालांकि उससे पहले बीसीसीआई का यह फैसला यह भी दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अपने युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ-साथ उनकी उम्र और मानसिक जरूरतों को भी महत्व दे रहा है।

