By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 09:21 AM
पटना में चर्चित शिक्षक खान सर का कोचिंग संस्थान एक नए विवाद में घिर गया है। बिहार अग्निशमन सेवा की जांच में खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। अधिकारियों ने संस्थान को 15 दिनों के भीतर सभी खामियां दूर करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समय के भीतर मानकों का पालन नहीं हुआ तो संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संचालन पर रोक भी शामिल है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में चलाए गए निरीक्षण अभियान के दौरान कई कोचिंग संस्थानों की जांच की गई थी। इसी क्रम में खान ग्लोबल स्टडीज का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई आवश्यक मानकों की कमी पाई गई। विभाग ने संस्थान प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दी जानकारी
बिहार अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी संस्थान में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी वाले संस्थानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी बड़े खतरे को जन्म दे सकती है।
पहले से कानूनी विवादों में घिरे हैं खान सर
फायर सेफ्टी जांच का मामला ऐसे समय सामने आया है जब खान सर पहले से एक अन्य विवाद को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उनके कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम भी जोड़ा गया है। इस मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है और अब फायर सेफ्टी से जुड़ा नया विवाद उनकी मुश्किलें बढ़ाता दिखाई दे रहा है।
अग्रिम जमानत की तैयारी में जुटे खान सर
खान सर के अधिवक्ता ने बताया है कि उनके मुवक्किल अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। वकील का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथ्यों के बजाय दुर्भावना से प्रेरित है। उनका कहना है कि मामले में खान सर को अनावश्यक रूप से शामिल किया गया है और अदालत में पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
तोड़फोड़ मामले में कैसे जुड़ा नाम?
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले रात के समय एक समूह ने कोचिंग संस्थान के बाहर लगे पोस्टर फाड़े और परिसर में पत्थरबाजी की थी। घटना के दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा कथित रूप से गोली चलाए जाने का मामला भी सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दो सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिया था। इसी मामले से जुड़ी प्राथमिकी में खान सर का नाम भी शामिल किया गया।
वकील ने लगाया साजिश का आरोप
खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता का कहना है कि उनके मुवक्किल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि यह पूरा मामला प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का हिस्सा है। वकील ने दावा किया कि कोचिंग संस्थान के कर्मचारियों द्वारा पहले दर्ज कराए गए एक मामले के कारण अब खान सर को निशाना बनाया जा रहा है।
गार्डों की कार्रवाई को बताया सुरक्षा कदम
बचाव पक्ष का कहना है कि घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने केवल एहतियातन कार्रवाई की थी। वकील के अनुसार उपलब्ध वीडियो और तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि गार्डों ने आत्मरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से हवा में फायरिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
एक तरफ फायर सेफ्टी नियमों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर कानूनी विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस संस्थान से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर अग्निशमन विभाग द्वारा दिए गए 15 दिन के अल्टीमेटम पर टिकी है। यदि निर्धारित समय में सभी कमियां दूर कर ली जाती हैं तो संस्थान को राहत मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर अदालत में दाखिल होने वाली अग्रिम जमानत याचिका भी इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में दोनों मामलों पर प्रशासन और न्यायालय की कार्रवाई से स्थिति और स्पष्ट होगी।

