Sunday, June 7, 2026

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LPG Price Hike: रसोई गैस फिर महंगी, तीन महीने में दूसरी बढ़ोतरी से बढ़ा परिवारों का खर्च

By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 08:52 AM

देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

रसोई गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार लगातार दबाव में है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण गैस की लागत बढ़ी है। इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब नई वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

तेल कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान
सूत्रों के अनुसार, हालिया संशोधन से पहले सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आयात लागत के कारण कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी वजह से कीमतों में संशोधन का फैसला लिया गया।

वैश्विक संकट का असर भारतीय बाजार पर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। इससे कच्चे तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी देखी गई है। हालांकि भारत में लंबे समय तक घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई, लेकिन लगातार बढ़ती लागत के चलते अब कीमतों में वृद्धि अपरिहार्य मानी जा रही है।

पहले कमर्शियल सिलेंडर हुए थे महंगे
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से पहले सरकार और तेल कंपनियां कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई बार संशोधन कर चुकी थीं। मई महीने में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया था। इसके बाद जून की शुरुआत में भी कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ था। अब घरेलू उपभोक्ताओं को भी बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा।

सप्लाई को लेकर सरकार ने दिया भरोसा
इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी की सूचना नहीं मिली है और सभी गैस एजेंसियों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर
सरकार ने यह भी कहा है कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में निगरानी बढ़ाई गई है। संबंधित एजेंसियों को लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रिफाइनरियां बढ़ी क्षमता पर कर रहीं काम
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं ताकि किसी संभावित संकट की स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो।

आम उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में नई बढ़ोतरी ने मध्यमवर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब रसोई का खर्च भी पहले की तुलना में अधिक हो जाएगा। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर आगे की कीमतों पर भी नजर बनी रहेगी।

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LPG Price Hike: रसोई गैस फिर महंगी, तीन महीने में दूसरी बढ़ोतरी से बढ़ा परिवारों का खर्च

By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 08:52 AM

देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

रसोई गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार लगातार दबाव में है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण गैस की लागत बढ़ी है। इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब नई वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

तेल कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान
सूत्रों के अनुसार, हालिया संशोधन से पहले सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आयात लागत के कारण कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी वजह से कीमतों में संशोधन का फैसला लिया गया।

वैश्विक संकट का असर भारतीय बाजार पर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। इससे कच्चे तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी देखी गई है। हालांकि भारत में लंबे समय तक घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई, लेकिन लगातार बढ़ती लागत के चलते अब कीमतों में वृद्धि अपरिहार्य मानी जा रही है।

पहले कमर्शियल सिलेंडर हुए थे महंगे
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से पहले सरकार और तेल कंपनियां कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई बार संशोधन कर चुकी थीं। मई महीने में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया था। इसके बाद जून की शुरुआत में भी कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ था। अब घरेलू उपभोक्ताओं को भी बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा।

सप्लाई को लेकर सरकार ने दिया भरोसा
इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी की सूचना नहीं मिली है और सभी गैस एजेंसियों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर
सरकार ने यह भी कहा है कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में निगरानी बढ़ाई गई है। संबंधित एजेंसियों को लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रिफाइनरियां बढ़ी क्षमता पर कर रहीं काम
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं ताकि किसी संभावित संकट की स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो।

आम उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में नई बढ़ोतरी ने मध्यमवर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब रसोई का खर्च भी पहले की तुलना में अधिक हो जाएगा। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर आगे की कीमतों पर भी नजर बनी रहेगी।

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