By Malay Ojha | Published: 13 June 2026 at 07:08 PM
खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। इस मामले में बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह खान सर का समर्थन नहीं करते। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रसिद्ध लोकगायक खेसारी लाल यादव द्वारा खान सर के समर्थन की चर्चा हो रही है।
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह खान सर के पक्ष में नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद शिक्षा जगत से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। पिछले कुछ दिनों से इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों और सामाजिक समूहों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
तोड़फोड़ और पथराव के बाद बढ़ा था मामला
विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया था जब दो जून की रात कुछ लोगों के समूह ने खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में कथित रूप से तोड़फोड़ और पथराव किया था। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी और कई लोगों से पूछताछ की गई थी।
प्राथमिकी में शामिल हुआ था खान सर का नाम
पुलिस जांच के दौरान दर्ज प्राथमिकी में खान सर का नाम भी शामिल किया गया था। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें राहत देते हुए बीस जून तक गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया था। इस फैसले के बाद मामले ने और अधिक ध्यान आकर्षित किया।
फायरिंग के आरोपों ने बढ़ाई थी गंभीरता
तोड़फोड़ की घटना के तुरंत बाद खान सर ने आरोप लगाया था कि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों द्वारा फायरिंग की गई थी। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वास्तव में गोली चली थी या नहीं, इसकी पुष्टि केवल पुलिस जांच के आधार पर ही हो सकती है। उनके इस बयान के बाद मामले की दिशा बदल गई थी।
सुरक्षा गार्डों की गिरफ्तारी से आया नया मोड़
जांच के दौरान सामाजिक माध्यमों पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दो सुरक्षा कर्मी कथित रूप से हवा में गोली चलाते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने चार जून को दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है।
रोशन आनंद समेत कई लोगों पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े विभिन्न पक्षों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
रोशन आनंद समर्थकों ने भी किया विरोध
दूसरी ओर, रोशन आनंद के समर्थन में भी छात्रों और समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने रोशन आनंद की रिहाई की मांग करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील की थी।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच पर टिकी निगाहें
इस विवाद में दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जहां एक ओर खान सर के समर्थक इसे सुनियोजित हमला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी पक्ष का दावा है कि पूरी घटना की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस जांच, अदालत की कार्यवाही और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच इस मामले पर सबकी नजर बनी हुई है।

