By Malay Ojha | Published: 27 June 2026 at 09:06 AM
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब और गर्मा गया है। मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज होने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपियों की तुलना रावण से करते हुए कहा कि इन लोगों ने केवल पैसे नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास की चोरी की है और उन्हें कानून के साथ-साथ भगवान का दंड भी मिलेगा।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रावण आज भी मौजूद हैं, बस उनका रूप बदल गया है। उन्होंने कहा कि रावण ने माता जानकी का हरण किया था, लेकिन इन लोगों ने राम मंदिर के दान पात्र से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास चुराने का काम किया है।
‘सरकारी सजा के साथ भगवान का भी दंड मिलेगा’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सच ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकता। जिस तरह माता सीता का हरण करने वाले रावण का अंत हुआ था, उसी तरह राम मंदिर में चोरी करने वालों को भी उनके कर्मों की सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के साथ-साथ भगवान का भी महादंड मिलेगा।
एसआईटी की जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
आठ आरोपी गिरफ्तार, कई धाराओं में मुकदमा
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
शासन को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट
विशेष जांच दल के प्रमुख और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कुछ दिन पहले अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। रिपोर्ट में कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद गुरुवार को एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच को और तेज कर दिया गया।
अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा मामला
राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनता जा रहा है। बाबरी ढांचा विध्वंस मामले के प्रमुख आरोपियों में रहे संतोष दुबे ने भी इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाए हैं।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
संतोष दुबे ने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, जिन लोगों के पास व्यवस्था की जिम्मेदारी थी, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी उठाए सवाल
उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों का नाम लेते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो सभी संबंधित लोगों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

