By Malay Ojha | Published: 28 June 2026 at 10:44 AM
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियां, पढ़ाई, आर्थिक परेशानियां और भविष्य की चिंता लोगों को अंदर ही अंदर परेशान कर रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे तो इसका असर सिर्फ दिमाग पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर पड़ सकता है। इसलिए तनाव के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
अगर आपको कई दिनों से लगातार उदासी महसूस हो रही है, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ रहा है, नींद पूरी नहीं हो रही या फिर हर समय चिंता बनी रहती है, तो यह बढ़ते तनाव की तरफ इशारा हो सकता है। इसके अलावा बार-बार सिरदर्द होना, बहुत ज्यादा थकान महसूस करना, किसी काम में मन नहीं लगना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी इसके संकेत माने जाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गहरा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से व्यक्ति की काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। इसका असर रिश्तों पर भी दिखाई देता है। कई बार लोग खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं और उनका आत्मविश्वास भी कम होने लगता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है, जितना शरीर को स्वस्थ रखना।
दिनचर्या में छोटे बदलाव दे सकते हैं बड़ा फायदा
तनाव कम करने के लिए सबसे पहले अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना जरूरी है। रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। पर्याप्त नींद लेने से दिमाग को आराम मिलता है और तनाव कम होता है। दिनभर के कामों की योजना बनाकर चलने से भी अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है।
परिवार और दोस्तों के साथ बिताएं समय
तनाव से बाहर निकलने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने करीबियों के साथ समय बिताएं। अपनी परेशानियों को मन में दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें। परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत करने से मन हल्का होता है और मानसिक संतुलन बेहतर बना रहता है।
खुद के लिए भी निकालें थोड़ा समय
हर दिन कुछ समय सिर्फ अपने लिए निकालना भी जरूरी है। अपनी पसंद का संगीत सुनना, किताब पढ़ना, बागवानी करना या कोई मनपसंद काम करना तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। लगातार काम करते रहने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है, इसलिए बीच-बीच में खुद को आराम देना भी जरूरी है।
योग और गहरी सांस की एक्सरसाइज से मिल सकती है राहत
योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज मन को शांत रखने में काफी मददगार मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रोज कुछ मिनट ध्यान लगाने से तनाव और चिंता दोनों को कम किया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधियां भी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
ज्यादा स्क्रीन टाइम भी बढ़ा सकता है परेशानी
मोबाइल और सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी तनाव की एक बड़ी वजह बन रहा है। लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से नींद प्रभावित होती है और दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इसलिए दिन में कुछ समय मोबाइल और इंटरनेट से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है।
कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?
अगर तनाव कई हफ्तों तक लगातार बना रहे, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, काम या पढ़ाई में दिक्कत आने लगे या रिश्तों पर असर पड़ने लगे, तो बिना देर किए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मदद लेने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

