By aryavartalive | Published: 30 June 2026 at 11:35 AM
बिहार में चर्चित रिशु श्री टेंडर मामले ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल सरकार या जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सुधाकर सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से कई ऐसे फैसले हुए हैं, जिन पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो कई बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।
अदालत की निगरानी में जांच की मांग
राजद सांसद ने कहा कि इस मामले की जांच किसी सामान्य एजेंसी से नहीं बल्कि अदालत की निगरानी में होनी चाहिए। उनका कहना था कि इससे जांच की निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल नहीं उठेगा और जनता का भरोसा भी बना रहेगा। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जल्द फैसला लेने की अपील की।
वरिष्ठ अधिकारी पर भी लगाए आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान सुधाकर सिंह ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर का नाम लेते हुए कहा कि कथित टेंडर प्रक्रिया में उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है और इसकी निष्पक्ष पड़ताल जरूरी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं का भी किया जिक्र
सुधाकर सिंह ने केवल टेंडर विवाद तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनके मुताबिक परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि युवाओं का भरोसा बना रहे।
पूर्व मुख्य सचिव का भी लिया नाम
राजद सांसद ने पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों को संरक्षण दिया गया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस आधार पर यह संरक्षण दिया गया, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
‘आरोप गलत निकले तो कार्रवाई करिए’
सुधाकर सिंह ने कहा कि यदि उनके लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। लेकिन यदि आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि इस मामले में राजनीति से ऊपर उठकर सच सामने आना चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
खबर लिखे जाने तक बिहार सरकार या जिन अधिकारियों के नाम लिए गए हैं, उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

