Wednesday, July 1, 2026

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वाराणसी में बदबूदार जलापूर्ति से हाहाकार! महीनों से पानी खरीदकर पी रहे लोग, अब आंदोलन की चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 01 July 2026 at 02:19 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कैंट थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-16 सरसौली बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया है कि कई महीनों से उनके घरों में बदबूदार और गंदा पानी पहुंच रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अब स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरसौली बस्ती के लोगों का कहना है कि जलापूर्ति के नाम पर उनके घरों में ऐसा पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर, इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। पानी से तेज बदबू आने के कारण परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कत हो रही है। लोगों का आरोप है कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार बनी हुई है।

बार-बार शिकायत, लेकिन नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार जलकल विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक न तो किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और न ही समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित रह गईं और जिम्मेदार विभाग ने उनकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।

चुनाव के बाद पार्षद पर भी लगाए उपेक्षा के आरोप
क्षेत्र के लोगों ने वार्ड की पार्षद कुसुम पटेल पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद कभी इलाके की समस्याएं जानने नहीं पहुंचीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही।

खरीदकर पीना पड़ रहा पानी, पशुओं की भी बढ़ी मुश्किल
गंदे पानी की वजह से कई परिवारों को पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे हर महीने अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। वहीं जिन परिवारों के पास पशु हैं, उन्हें मजबूरी में उसी बदबूदार पानी को छानकर जानवरों को पिलाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

बीमारियों का बढ़ा डर, बच्चों को लेकर परिवार चिंतित
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका दावा है कि कई बच्चे लंबे समय से दवाइयां लेने को मजबूर हैं। लोगों को डर है कि यदि जल्द स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि, इन बीमारियों और पानी के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का हवाला देकर उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी साफ पेयजल नहीं मिल पा रहा है, तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

आंदोलन की चेतावनी, विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
क्षेत्रवासियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल इस पूरे मामले में जलकल विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकलेगा।

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वाराणसी में बदबूदार जलापूर्ति से हाहाकार! महीनों से पानी खरीदकर पी रहे लोग, अब आंदोलन की चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 01 July 2026 at 02:19 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कैंट थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-16 सरसौली बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया है कि कई महीनों से उनके घरों में बदबूदार और गंदा पानी पहुंच रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अब स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरसौली बस्ती के लोगों का कहना है कि जलापूर्ति के नाम पर उनके घरों में ऐसा पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर, इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। पानी से तेज बदबू आने के कारण परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कत हो रही है। लोगों का आरोप है कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार बनी हुई है।

बार-बार शिकायत, लेकिन नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार जलकल विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक न तो किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और न ही समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित रह गईं और जिम्मेदार विभाग ने उनकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।

चुनाव के बाद पार्षद पर भी लगाए उपेक्षा के आरोप
क्षेत्र के लोगों ने वार्ड की पार्षद कुसुम पटेल पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद कभी इलाके की समस्याएं जानने नहीं पहुंचीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही।

खरीदकर पीना पड़ रहा पानी, पशुओं की भी बढ़ी मुश्किल
गंदे पानी की वजह से कई परिवारों को पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे हर महीने अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। वहीं जिन परिवारों के पास पशु हैं, उन्हें मजबूरी में उसी बदबूदार पानी को छानकर जानवरों को पिलाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

बीमारियों का बढ़ा डर, बच्चों को लेकर परिवार चिंतित
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका दावा है कि कई बच्चे लंबे समय से दवाइयां लेने को मजबूर हैं। लोगों को डर है कि यदि जल्द स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि, इन बीमारियों और पानी के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का हवाला देकर उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी साफ पेयजल नहीं मिल पा रहा है, तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

आंदोलन की चेतावनी, विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
क्षेत्रवासियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल इस पूरे मामले में जलकल विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकलेगा।

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