By Malay Ojha | Published: 01 July 2026 at 05:19 PM
अगर आप व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। मोबाइल नंबर छिपाने के लिए लाए जा रहे व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर अब केंद्र सरकार की नजर पड़ गई है। सरकार को आशंका है कि यह सुविधा जहां एक ओर लोगों की गोपनीयता बढ़ा सकती है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी करने वालों के लिए भी नया रास्ता खोल सकती है। इसी वजह से सरकार इस पूरे फीचर की विस्तार से जांच कराने की तैयारी में है और जरूरत पड़ने पर मेटा को नोटिस भी भेजा जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर का गहराई से अध्ययन करेगी। सरकार यह समझना चाहती है कि इस सुविधा का असर आम लोगों की सुरक्षा, पहचान और साइबर अपराधों पर किस तरह पड़ेगा। शुरुआती स्तर पर सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत होने लगेगी तो ठग अपनी असली पहचान छिपाकर लोगों को आसानी से निशाना बना सकते हैं।
जरूरत पड़ी तो मेटा को भेजा जा सकता है नोटिस
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि जांच के दौरान सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल सामने आते हैं तो मेटा से जवाब मांगा जा सकता है। इसके लिए नोटिस भेजने का विकल्प भी खुला रखा गया है। सरकार चाहती है कि नया फीचर लागू होने से पहले उसके हर पहलू की अच्छी तरह जांच हो ताकि बाद में साइबर अपराधों में बढ़ोतरी जैसी स्थिति पैदा न हो।
व्हाट्सएप आखिर क्या बदलने जा रहा है?
व्हाट्सएप अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद यूजर अपने मोबाइल नंबर की जगह एक अलग यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका मकसद यह है कि अनजान लोगों के साथ बातचीत करते समय आपका निजी मोबाइल नंबर सामने न आए। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर्स की गोपनीयता पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
कब तक मिल सकता है नया फीचर?
कंपनी ने हाल ही में इस फीचर की जानकारी साझा करते हुए बताया था कि इसकी शुरुआत की जा चुकी है, लेकिन इसे सभी यूजर्स तक पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। उम्मीद है कि साल के अंत तक यह सुविधा बड़े स्तर पर उपलब्ध हो सकती है। फिलहाल अलग-अलग चरणों में इसकी तैयारी जारी है।
यूजरनेम कैसे करेगा काम?
इस सुविधा के तहत हर यूजर को अपना अलग और यूनिक यूजरनेम चुनना होगा। यदि पसंद का नाम उपलब्ध नहीं होगा तो व्हाट्सएप एक यूजरनेम सुझाव देने वाला विकल्प भी देगा। किसी नए व्यक्ति से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर की बजाय उसी यूजरनेम की जरूरत पड़ेगी। यानी सही स्पेलिंग के बिना किसी से संपर्क करना आसान नहीं होगा।
बिजनेस और क्रिएटर्स को क्या होगा फायदा?
व्हाट्सएप का मानना है कि यह सुविधा केवल आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि कारोबार, संस्थानों और कंटेंट बनाने वालों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। एक तय यूजरनेम के जरिए उनकी ऑनलाइन पहचान मजबूत होगी और लोगों के लिए उन्हें ढूंढ़ना भी आसान हो जाएगा। इससे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक जैसी पहचान बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
सेटिंग में मिलेगा नया विकल्प
यह फीचर उपलब्ध होने के बाद यूजर्स को व्हाट्सएप की सेटिंग में जाकर अकाउंट वाले विकल्प में यूजरनेम बनाने का विकल्प दिखाई देगा। वहीं से नया यूजरनेम चुना और रजिस्टर किया जा सकेगा। कंपनी का कहना है कि पूरी प्रक्रिया आसान रखी जाएगी ताकि हर यूजर बिना परेशानी इसका इस्तेमाल कर सके।
फ्रॉड रोकना सबसे बड़ी चुनौती
तकनीकी जानकारों का मानना है कि मोबाइल नंबर छिपाने जैसी सुविधा गोपनीयता के लिहाज से अच्छी हो सकती है, लेकिन इसके साथ मजबूत पहचान सत्यापन की व्यवस्था भी जरूरी होगी। यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो साइबर ठगी करने वाले फर्जी यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं। यही वजह है कि सरकार इस फीचर को लागू होने से पहले बेहद सावधानी से परखना चाहती है।
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