By Malay Ojha | Published: 01 July 2026 at 07:10 PM
बिहार सरकार ने शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के पांच नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही 31 बस स्टैंडों को आधुनिक बनाने और बक्सर के भगवान वामन मंदिर के विकास से जुड़े अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई। सरकार के इन फैसलों का असर आने वाले समय में लाखों लोगों पर पड़ेगा।
कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक स्थान पर पांच-पांच एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जिन जिलों को इसका लाभ मिलेगा उनमें पूर्णिया, नालंदा, शेखपुरा, मधेपुरा और मधुबनी शामिल हैं। इन इलाकों में लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय की मांग की जा रही थी। अब मंजूरी मिलने के बाद स्कूल खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कहां-कहां बनेंगे केंद्रीय विद्यालय
सरकार के फैसले के अनुसार पूर्णिया पूर्व के मधुबनी मौजा, राजगीर के पिलखी, शेखपुरा के नीमी, मधेपुरा के साहुगढ़ और मधुबनी जिले के राजनगर अंचल के सतिहारपुर मौजा में केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। जमीन उपलब्ध कराने के बाद आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ मिलकर पूरी की जाएगी।
31 बस स्टैंडों का बदलेगा पूरा स्वरूप
कैबिनेट ने राज्य के 31 प्रमुख बस स्टैंडों को आधुनिक बनाने की योजना को भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। इन बस स्टैंडों का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित माहौल और आधुनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
इन जिलों के बस स्टैंड होंगे आधुनिक
इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज समेत कई जिलों के बस स्टैंड शामिल किए गए हैं। नए मॉडल के तहत बस स्टैंडों में यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम, साफ-सफाई, पार्किंग, प्रतीक्षालय और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बक्सर के भगवान वामन मंदिर के विकास को भी मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में मौजूद भगवान वामन मंदिर के विकास का रास्ता भी साफ कर दिया है। सरकार ने मंदिर परिसर की जमीन को अलग से सुरक्षित रखने, चारदीवारी बनाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के आने-जाने की व्यवस्था को भी आसान बनाया जाएगा ताकि धार्मिक स्थल का व्यवस्थित विकास हो सके।
पिछली बैठक में भी हुए थे कई बड़े फैसले
इससे पहले 24 जून को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 45 प्रस्तावों को मंजूरी मिली थी। उस बैठक में राज्य में पांच निजी विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया गया था। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ समझौते की मंजूरी, शिक्षकों के तबादले से जुड़े अहम निर्णय और ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए बड़े वित्तीय प्रबंध का भी रास्ता साफ किया गया था।
शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर सरकार का फोकस
लगातार दूसरी बैठक में शिक्षा, परिवहन और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े फैसलों को मंजूरी मिलने से साफ संकेत मिलता है कि सरकार आने वाले समय में इन क्षेत्रों पर तेजी से काम करना चाहती है। नए केंद्रीय विद्यालयों से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा, जबकि आधुनिक बस स्टैंडों से यात्रियों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
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