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स्कूलों के बाहर सिगरेट-गुटखा बेचने पर सख्त रोक, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश; तीन दिन में वेंडर को नई जगह देने के निर्देश

By Malay Ojha | Published: 09 July 2026 at 11:14 AM

स्कूलों के बाहर बच्चों की पहुंच से तंबाकू उत्पादों को दूर रखने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्कूल के आसपास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं की जा सकती। साथ ही नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि संबंधित वेंडर को तीन दिन के भीतर दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसकी रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो और बच्चों की सेहत से कोई समझौता भी न हो।

यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें एक स्ट्रीट वेंडर ने दावा किया था कि वैध वेंडिंग प्रमाणपत्र होने के बावजूद उसे बार-बार हटाया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां तंबाकू से जुड़े उत्पादों की बिक्री की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जा सकती। अदालत ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पाद बेचने पर रोक लगा दी।

वेंडर को दूसरी जगह देने का निर्देश
अदालत ने संबंधित वेंडर को स्कूल के पास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने से रोकते हुए नगर निगम को निर्देश दिया कि उसे तीन दिनों के भीतर वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि नई जगह मिलने तक प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और तय शर्तों के अनुसार ही वेंडर अपना काम कर सके।

पहले भी जारी हो चुके हैं सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अदालत का कहना था कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार के सामने या आसपास ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़े या उनकी सुरक्षा प्रभावित हो।

स्कूल के आसपास क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित
अदालत ने दोहराया कि स्कूलों के आसपास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि वेंडर निर्धारित स्थान से बाहर सामान नहीं लगाएगा और फुटपाथ या सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण नहीं करेगा। इससे छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

साफ-सफाई को लेकर भी सख्ती
न्यायालय ने साफ कहा कि वेंडिंग स्थल पर स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य होगा। यदि जरूरत पड़े तो छोटा गैस सिलेंडर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसके नाम पर अतिरिक्त जगह घेरने की अनुमति नहीं होगी। वेंडर को अपने आसपास डस्टबिन रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि गंदगी न फैले।

वेंडर ने क्या कहा था
याचिकाकर्ता का कहना था कि उसके पास वैध वेंडिंग प्रमाणपत्र मौजूद है, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और नगर निगम के अधिकारी उसे लगातार परेशान करते हैं। उसने अदालत से मांग की थी कि उसे नियमों के तहत कारोबार करने दिया जाए और अनावश्यक कार्रवाई रोकी जाए।

नगर निगम ने लगाया यह आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि संबंधित वेंडर स्कूल के पास तंबाकू उत्पाद बेच रहा था और वहां साफ-सफाई के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। निगम का कहना था कि बच्चों के हितों को देखते हुए कार्रवाई की गई थी।

अदालत ने दोनों पक्षों के बीच बनाया संतुलन
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ऐसा समाधान निकाला, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे और वेंडर की आजीविका पर भी अनावश्यक असर न पड़े। अदालत ने वैकल्पिक स्थान देने का निर्देश देते हुए साफ कर दिया कि स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद स्कूलों के आसपास नियमों के पालन को लेकर प्रशासन और अधिक सख्ती बरत सकता है।

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स्कूलों के बाहर सिगरेट-गुटखा बेचने पर सख्त रोक, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश; तीन दिन में वेंडर को नई जगह देने के निर्देश

By Malay Ojha | Published: 09 July 2026 at 11:14 AM

स्कूलों के बाहर बच्चों की पहुंच से तंबाकू उत्पादों को दूर रखने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्कूल के आसपास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं की जा सकती। साथ ही नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि संबंधित वेंडर को तीन दिन के भीतर दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसकी रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो और बच्चों की सेहत से कोई समझौता भी न हो।

यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें एक स्ट्रीट वेंडर ने दावा किया था कि वैध वेंडिंग प्रमाणपत्र होने के बावजूद उसे बार-बार हटाया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां तंबाकू से जुड़े उत्पादों की बिक्री की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जा सकती। अदालत ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पाद बेचने पर रोक लगा दी।

वेंडर को दूसरी जगह देने का निर्देश
अदालत ने संबंधित वेंडर को स्कूल के पास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने से रोकते हुए नगर निगम को निर्देश दिया कि उसे तीन दिनों के भीतर वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि नई जगह मिलने तक प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और तय शर्तों के अनुसार ही वेंडर अपना काम कर सके।

पहले भी जारी हो चुके हैं सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अदालत का कहना था कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार के सामने या आसपास ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़े या उनकी सुरक्षा प्रभावित हो।

स्कूल के आसपास क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित
अदालत ने दोहराया कि स्कूलों के आसपास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि वेंडर निर्धारित स्थान से बाहर सामान नहीं लगाएगा और फुटपाथ या सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण नहीं करेगा। इससे छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

साफ-सफाई को लेकर भी सख्ती
न्यायालय ने साफ कहा कि वेंडिंग स्थल पर स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य होगा। यदि जरूरत पड़े तो छोटा गैस सिलेंडर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसके नाम पर अतिरिक्त जगह घेरने की अनुमति नहीं होगी। वेंडर को अपने आसपास डस्टबिन रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि गंदगी न फैले।

वेंडर ने क्या कहा था
याचिकाकर्ता का कहना था कि उसके पास वैध वेंडिंग प्रमाणपत्र मौजूद है, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और नगर निगम के अधिकारी उसे लगातार परेशान करते हैं। उसने अदालत से मांग की थी कि उसे नियमों के तहत कारोबार करने दिया जाए और अनावश्यक कार्रवाई रोकी जाए।

नगर निगम ने लगाया यह आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि संबंधित वेंडर स्कूल के पास तंबाकू उत्पाद बेच रहा था और वहां साफ-सफाई के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। निगम का कहना था कि बच्चों के हितों को देखते हुए कार्रवाई की गई थी।

अदालत ने दोनों पक्षों के बीच बनाया संतुलन
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ऐसा समाधान निकाला, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे और वेंडर की आजीविका पर भी अनावश्यक असर न पड़े। अदालत ने वैकल्पिक स्थान देने का निर्देश देते हुए साफ कर दिया कि स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद स्कूलों के आसपास नियमों के पालन को लेकर प्रशासन और अधिक सख्ती बरत सकता है।

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