By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 06:06 PM
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी ने नामांकन दाखिल करने के महज एक दिन बाद ही अपना पर्चा वापस लेने का फैसला कर लिया। उन्होंने इसकी वजह पारिवारिक परिस्थितियां बताते हुए कहा कि वह चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं। इस फैसले के बाद बांकीपुर की चुनावी तस्वीर अचानक बदल गई है और अब सबकी नजर इस बात पर टिक गई है कि भाजपा अगला दांव किस पर खेलती है।
अभिषेक सिन्हा ने बताया कि उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला पूरी तरह पारिवारिक कारणों से लिया है। इस संबंध में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अपना पत्र भी सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव मैदान में बने रहना उनके लिए संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।
एक दिन पहले ही दाखिल किया था नामांकन
गौरतलब है कि अभिषेक सिन्हा ने नौ जुलाई को पूरे उत्साह के साथ बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के अगले ही दिन उनके चुनावी मैदान से हटने की घोषणा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। अब यह चर्चा तेज हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी इस सीट पर किस नए चेहरे को उतार सकती है।
तीन दशक से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट को भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज करती आ रही है। पिछले करीब तीन दशकों से पार्टी ने यहां अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखा है। ऐसे में इस बार भी पार्टी के सामने अपनी परंपरागत सीट बचाने की चुनौती है, जबकि विपक्ष इसे अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रहा है।
उपचुनाव में पहले से गर्म है चुनावी मुकाबला
इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज थीं। सबसे पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर मुकाबले को चर्चा में ला दिया था। इसके बाद सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने गोपनीय मतदान के जरिए नवीन कुमार तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा कुमारी गुप्ता को मैदान में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया।
नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसी कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। राजधानी की इस अहम सीट पर सभी प्रमुख दलों की नजर टिकी हुई है और इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।
अब भाजपा के अगले कदम पर सबकी नजर
अभिषेक सिन्हा के नामांकन वापस लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी अब किस उम्मीदवार पर भरोसा जताएगी। नामांकन वापसी के इस फैसले ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। आने वाले दिनों में भाजपा का अगला फैसला न केवल बांकीपुर बल्कि पूरे बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है।
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