By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 10:36 AM
देश की राजधानी में स्थित ऐतिहासिक लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में आए एक फोन कॉल के जरिए यह धमकी दी गई, जिसके बाद तत्काल सूचना दिल्ली पुलिस को भेजी गई। कुछ ही देर में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जांच में धमकी झूठी निकली और किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दावा किया कि दिल्ली स्थित लाल किला को बम से उड़ाया जाएगा। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने बिना देर किए दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मामला उत्तरी जिला पुलिस के पास पहुंचा और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
लाल किले के आसपास बढ़ाई गई निगरानी
धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के आसपास निगरानी बढ़ा दी। पूरे इलाके पर नजर रखी गई और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के साथ-साथ धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास भी शुरू किया गया।
जांच के बाद निकली राहत वाली खबर
पूरे मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह धमकी फर्जी थी। जांच के दौरान ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जिससे किसी वास्तविक खतरे की पुष्टि होती। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य हैं, लेकिन धमकी देने वाले की पहचान और उसके मकसद का पता लगाने की कोशिश जारी है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी झूठी धमकियां
यह पहला मौका नहीं है जब किसी महत्वपूर्ण स्थान को बम से उड़ाने की झूठी धमकी मिली हो। पिछले कुछ समय में राजधानी और आसपास के कई बड़े स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी भेजी गई थी। उन मामलों में भी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन बाद में सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं।
कई उड़ानों में भी फैलाई जा चुकी है अफवाह
बीते महीनों में कई हवाई उड़ानों में भी बम होने की सूचना मिलने से अफरा-तफरी मच गई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने हर बार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान और सामान की गहन जांच की। बाद में इनमें से अधिकांश मामलों में कोई विस्फोटक नहीं मिला और धमकियां झूठी निकलीं।
क्यों संवेदनशील है लाल किला?
लाल किला देश की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री इसी किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। यही वजह है कि इस परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है और किसी भी तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाता।
पहले भी हुआ था बड़ा हमला
10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए बम विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी। जांच एजेंसियों ने उस मामले में कई लोगों की भूमिका का खुलासा किया था और साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए थे। इसी वजह से इस बार मिली धमकी को भी सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया।
पुलिस की सतर्कता से टला भ्रम
हालांकि इस बार किसी तरह का खतरा सामने नहीं आया, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसी धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना की गंभीरता से जांच करती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल पुलिस फोन करने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
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