By Malay Ojha | Published: 15 July 2026 at 10:20 AM
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बॉडीगार्ड की पत्नी से ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में बिहार के नालंदा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर ऐसे साइबर नेटवर्क से जुड़े थे, जिसने देश के अलग-अलग राज्यों में करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में करीब 5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है, हालांकि पुलिस अभी इसकी पुष्टि में जुटी है।
वर्ष 2024 में दर्ज इस मामले की जांच करते हुए पंजाब पुलिस की पटियाला साइबर थाना टीम बिहार पहुंची। नालंदा पुलिस के सहयोग से बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के भैंसासुर निवासी मुकेश कुमार और अस्पताल चौक निवासी विशाल भारती को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों के बैंक खातों में ठगी की रकम पहुंचने के साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों का सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें पंजाब ले जाया गया।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
यह मामला तब सामने आया जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बॉडीगार्ड की पत्नी मंजीत कौर ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि साइबर ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों से जुड़ा बताकर उन्हें एक सप्ताह तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। लगातार मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
तकनीकी जांच से बिहार तक पहुंचे पुलिस के सुराग
शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पहले गिरोह के एक सदस्य को कोलकाता और झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा नालंदा के दो बैंक खातों में भी भेजा गया था। इसी सुराग पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले मिलता था कमीशन
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी दिल्ली में सक्रिय एक बड़े साइबर नेटवर्क के संपर्क में थे। गिरोह इनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने और आगे भेजने के लिए करता था। इसके बदले दोनों आरोपियों को कुल रकम का लगभग दो प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
5 करोड़ रुपये के नेटवर्क की जांच जारी
पंजाब पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में इस गिरोह के जरिए करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के संकेत मिले हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ठगी की वास्तविक राशि और नेटवर्क का पूरा दायरा सामने आएगा।
देश के कई राज्यों में फैले हैं गिरोह के तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह के तार कई राज्यों तक जुड़े हुए हैं। अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही पड़ताल
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों के नाम पर खाते खोले गए थे और ठगी की रकम आखिरकार किन लोगों तक पहुंचती थी।
आने वाले दिनों में हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
पंजाब पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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