By Malay Ojha | Published: 15 July 2026 at 11:56 AM
लखनऊ में आयोजित ‘आजतक’ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के नौ वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बड़ा दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है, माफियागीरी पर लगाम लगी है, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और राज्य देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने बाहर से कोई नई टीम नहीं लाई। लखनऊ में जो प्रशासनिक व्यवस्था पहले से मौजूद थी, उसी के साथ काम करते हुए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव लाने का प्रयास किया। उनके मुताबिक, अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली बदलने का परिणाम आज पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है।
‘पहचान के संकट से बाहर निकला उत्तर प्रदेश’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी पहचान बताने में झिझक होती थी। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी थी और अवसर सीमित लोगों तक सिमटकर रह गए थे। उन्होंने दावा किया कि अब भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है और प्रदेश की पहचान विकास तथा सुशासन से जुड़ रही है।
कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार बनने से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद कमजोर थी। उन्होंने दावा किया कि व्यापारी, महिलाएं, आम नागरिक और निवेशक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। कई इलाकों में अपराधियों और माफिया का दबदबा था, लेकिन अब सरकार ने अपराध और संगठित माफियागीरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि आज भी कुछ लोग माफिया पर कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। उनके अनुसार, इससे यह संदेश जाता है कि उनकी सहानुभूति आम नागरिकों के बजाय अपराधियों के प्रति है।
पुराने शासन पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय केंद्र और प्रदेश में अलग राजनीतिक परिस्थितियां थीं, लेकिन जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उस दौर में आज जैसी उपलब्धियों के दावे किए जाते तो लोग उन पर विश्वास नहीं करते, जबकि आज प्रदेश में बदलाव लोगों को जमीन पर दिखाई दे रहा है।
अर्थव्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी पर बड़ा दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग तीन गुना बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है और उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डीबीटी से सीधे खाते में पहुंच रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के जरिए पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे छात्रों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और बुजुर्गों को बिना किसी बिचौलिए के योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
अपराध, दंगा और कर्फ्यू पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश को अपराधमुक्त, माफियामुक्त, दंगामुक्त और कर्फ्यूमुक्त बनाने का संकल्प लिया था। उनके अनुसार, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में बड़ा सुधार आया है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपने सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए भी नई पहचान बना रहा है।
स्वास्थ्य और गरीब कल्याण योजनाओं का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से होने वाली मौतों में बड़ी कमी आई है। इसके अलावा गरीब परिवारों को आवास, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस कनेक्शन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि भूमिहीन परिवारों को जमीन के पट्टे भी दिए गए हैं।
किसानों और उद्योगों के लिए भी गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को फिर से मजबूत किया गया है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को अब पहले की तुलना में बेहतर सिंचाई, बिजली, बीज और सरकारी खरीद की सुविधाएं मिल रही हैं। उनके अनुसार, पहले किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार हुआ है और कृषि क्षेत्र को नई गति मिली है।
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