By aryavartalive | Published: 15 July 2026 at 02:16 PM
पटना: समाजसेवी और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अब राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अनशन के 18 दिन पूरे हो चुके हैं और सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। पत्र में प्रधानमंत्री से खुद पहल कर बातचीत शुरू करने के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित चार अहम मांगें रखी गई हैं।
प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में उनके अनशन को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को तत्काल संवाद की पहल करनी चाहिए ताकि स्थिति और गंभीर न हो।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
पत्र में कहा गया है कि सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई गई है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में नैतिक आधार पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का निर्णय लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया जाए।
अनशन को लेकर जताई चिंता
पार्टी ने अपने पत्र में कहा है कि सोनम वांगचुक के अनशन का 18वां दिन चल रहा है और उनकी तबीयत लगातार खराब होने की खबरें मिल रही हैं। ऐसे हालात में उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। इसी वजह से केंद्र सरकार से बिना किसी देरी के उनसे बातचीत शुरू करने और समाधान निकालने की अपील की गई है।
सरकार के सामने रखीं चार अहम मांगें
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, प्रधानमंत्री स्वयं हस्तक्षेप कर सोनम वांगचुक से संवाद स्थापित करें। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नैतिक आधार पर इस्तीफा लिया जाए। तीसरी, देश में गुणवत्तापूर्ण एवं समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए विशेषज्ञों की अगुवाई में सर्वदलीय समिति बनाई जाए। चौथी, सोनम वांगचुक के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सलाहकार समिति गठित की जाए, जो देश और दुनिया के स्तर पर सरकारों के साथ मिलकर काम करे।
जल्द निर्णय लेने की अपील
धनंजय कुमार सिन्हा ने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री से इन सभी मांगों पर जल्द और सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि शिक्षा जैसा मुद्दा किसी एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए समय रहते पहल करनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री को भी भेजा गया पत्र
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी पत्र लिखकर सोनम वांगचुक से तत्काल संवाद कर उनका अनशन समाप्त कराने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि 18 दिनों से जारी अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है। साथ ही प्रश्नपत्र लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने का आग्रह किया गया है।



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