By Malay Ojha | Published: 22 July 2026 at 09:29 PM
नई दिल्ली: पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर देश की राजनीति में घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। नड्डा ने कहा कि छात्रों की समस्याएं गंभीर हैं और सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसे राजनीतिक लड़ाई नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के 152 पेपर लीक के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने केवल उन्हीं मामलों का जिक्र किया, जिनमें केंद्र या भाजपा के विरोधी दलों की सरकारें नहीं थीं।
जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि छात्रों की मांगों और उनकी परेशानियों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उनके मुताबिक परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी गड़बड़ियां बेहद गंभीर विषय हैं और इन पर राजनीति करने के बजाय विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हित को लेकर गंभीर है और इस मामले में उठाए जा रहे हर सवाल का जवाब जनता के सामने रखने के लिए तैयार है।
नड्डा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया था कि पिछले दस वर्षों में देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं और इससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। इस मुद्दे पर उन्होंने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए थे।
‘राहुल गांधी इतने सेलेक्टिव क्यों हैं?’
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर देश में पेपर लीक की घटनाओं की बात हो रही है तो इसका पूरा आंकड़ा सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपनी बात रखते समय कुछ राज्यों और सरकारों का जिक्र नहीं किया।
नड्डा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने तेलंगाना में इंटरमीडिएट और माध्यमिक परीक्षा तथा तमिलनाडु में बीएड परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और पंजाब में सामने आई कथित पेपर लीक की घटनाओं का हवाला देते हुए विपक्ष से सवाल किया कि इन मामलों को चर्चा से बाहर क्यों रखा गया।
‘कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारों वाले राज्यों का भी जिक्र हो’
जेपी नड्डा ने कहा कि अगर राहुल गांधी परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं, तो उन्हें सभी राज्यों में सामने आए मामलों की बात करनी चाहिए। उनका आरोप था कि विपक्ष ने अपनी सुविधा के हिसाब से घटनाओं का चयन किया है।
नड्डा ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के दौर और उन सरकारों का जिक्र क्यों नहीं किया, जिन्हें विपक्षी दलों का समर्थन हासिल था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक सरकार या एक दल तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि छात्रों के भविष्य की चिंता है तो पूरे देश में हुई घटनाओं पर एक साथ चर्चा होनी चाहिए।
‘राहुल गांधी का मकसद छात्रों का हित नहीं’
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहा है।
नड्डा ने कहा कि छात्रों को न्याय मिले, यह सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के हित की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी ओर से रखे गए आंकड़ों और मामलों में चयनात्मक रवैया दिखाई देता है। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार सवाल उठाए गए हैं।
सदन में चर्चा के लिए सरकार तैयार: नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष मिलकर परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों की चिंताओं को दूर करने पर बात करें।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है। नड्डा ने विपक्ष से भी अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक टकराव बनाने के बजाय समाधान की दिशा में चर्चा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा।
सोनम वांगचुक के अनशन पर भी नड्डा ने दिया जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर पूछे गए सवाल पर भी जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की गई है। नड्डा के मुताबिक, उनके साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और वांगचुक ने सरकार को एक पत्र भी दिया है। उन्होंने कहा कि पत्र का जवाब आगे दिया जाएगा।
सोनम वांगचुक की ओर से सरकार के सामने रखी गई मांगों को लेकर भी बातचीत जारी है। हालिया घटनाक्रम में वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए छात्रों और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई न होने की गारंटी समेत कुछ अन्य मांगों पर भरोसा मांगा है।
CJP प्रतिनिधिमंडल से भी हुई बातचीत
जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ भी सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई है। सरकार की ओर से उनसे उनकी मांगों को लिखित रूप में देने के लिए कहा गया है। नड्डा ने कहा कि सरकार इन मांगों पर विचार करेगी।
पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजधानी में जारी तनाव के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को अहम माना जा रहा है। इससे पहले प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है और विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है।
फिलहाल पेपर लीक का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। एक तरफ राहुल गांधी ने परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरा है, तो दूसरी ओर जेपी नड्डा ने विपक्ष पर चुनिंदा मामलों को उठाने और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
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