National

spot_img

NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया को CBI की क्लीन चिट, नहीं मिला कोई सबूत; जानें क्यों नहीं हुई चार्जशीट

By Malay Ojha | Published: 23 July 2026 at 03:06 PM

नई दिल्ली: नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ बड़ी राहत वाली बात सामने रखी है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के दौरान संजीव मुखिया की प्रश्नपत्र चोरी या उसे आगे पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। यही वजह है कि उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन दावों को भी खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि संजीव मुखिया को जानबूझकर मामले की जांच से बाहर रखा गया। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर चल रही ऐसी बातें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किए गए।

जांच में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला सबूत
सीबीआई के मुताबिक, नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी करने, उसे दूसरे लोगों तक पहुंचाने और इससे फायदा उठाने वालों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की गई। इस पूरी प्रक्रिया में संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि वह प्रश्नपत्र चोरी या उसके वितरण की साजिश का हिस्सा था। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया।

बिहार पुलिस की प्राथमिकी में क्यों आया था नाम?
दरअसल, नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की शुरुआती जांच बिहार पुलिस ने की थी। इसी दौरान संजीव मुखिया का नाम प्राथमिकी में शामिल किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इसके पीछे एक वजह यह भी थी कि संजीव मुखिया का नाम पहले भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और चोरी से जुड़े कुछ मामलों में सामने आ चुका था। बाद में नीट-यूजी प्रश्नपत्र चोरी का मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।

फरार था संजीव मुखिया, दूसरे मामले में हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान संजीव मुखिया फरार चल रहा था। बाद में बिहार पुलिस ने उसे एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। चूंकि नीट-यूजी प्रश्नपत्र चोरी मामले की प्राथमिकी में भी उसका नाम दर्ज था, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जांचकर्ताओं ने उसकी भूमिका को लेकर उससे पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।

पूछताछ के बाद भी नहीं मिला कोई ठोस साक्ष्य
सीबीआई के अनुसार, रिमांड पर पूछताछ और जांच के दौरान भी संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जो उसे नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी या उसे बांटने की साजिश से जोड़ सके। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। इसका सीधा मतलब यह है कि जांच एजेंसी को उसके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

नीट मामले में जमानत, फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सका
जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि नीट-यूजी मामले में जमानत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया तत्काल जेल से बाहर नहीं आ सका। इसकी वजह उसके खिलाफ चल रहे दूसरे मामले थे। बिहार पुलिस की जांच से जुड़े अन्य मामलों के कारण वह न्यायिक हिरासत में रहा। यानी नीट-यूजी मामले में उसकी स्थिति और दूसरे मामलों में चल रही कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग देखा गया।

45 आरोपियों के खिलाफ अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की जांच में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ पटना की अदालत में कई आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी, उसके वितरण और कथित तौर पर इससे लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान की गई। एजेंसी का दावा है कि मामले की साजिश में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

सीबीआई का दावा- पूरी साजिश का हो चुका खुलासा
जांच एजेंसी ने कहा कि नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की पूरी साजिश का खुलासा जांच के दौरान किया जा चुका है। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आई, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसे में यह कहना कि संजीव मुखिया को किसी दबाव या किसी अन्य वजह से जानबूझकर जांच से बाहर रखा गया, सही नहीं है।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों पर भी जवाब
संजीव मुखिया का नाम इस मामले में सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। कुछ दावों में उसे प्रश्नपत्र चोरी की कथित साजिश से जोड़कर देखा गया। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी जांच का हवाला देते हुए साफ किया है कि संजीव मुखिया के खिलाफ इस मामले में उसकी भूमिका साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।

जांच के नतीजे के बाद तस्वीर हुई साफ
नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले में संजीव मुखिया की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे थे। अब जांच एजेंसी की ओर से सामने आई जानकारी के बाद इस मामले में उसकी कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। सीबीआई का कहना है कि किसी व्यक्ति का नाम प्राथमिकी में दर्ज होना और जांच में उसके खिलाफ आरोप साबित करने लायक साक्ष्य मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। जांच में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण संजीव मुखिया के खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया को CBI की क्लीन चिट, नहीं मिला कोई सबूत; जानें क्यों नहीं हुई चार्जशीट

By Malay Ojha | Published: 23 July 2026 at 03:06 PM

नई दिल्ली: नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ बड़ी राहत वाली बात सामने रखी है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के दौरान संजीव मुखिया की प्रश्नपत्र चोरी या उसे आगे पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। यही वजह है कि उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन दावों को भी खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि संजीव मुखिया को जानबूझकर मामले की जांच से बाहर रखा गया। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर चल रही ऐसी बातें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किए गए।

जांच में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला सबूत
सीबीआई के मुताबिक, नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी करने, उसे दूसरे लोगों तक पहुंचाने और इससे फायदा उठाने वालों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की गई। इस पूरी प्रक्रिया में संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि वह प्रश्नपत्र चोरी या उसके वितरण की साजिश का हिस्सा था। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया।

बिहार पुलिस की प्राथमिकी में क्यों आया था नाम?
दरअसल, नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की शुरुआती जांच बिहार पुलिस ने की थी। इसी दौरान संजीव मुखिया का नाम प्राथमिकी में शामिल किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इसके पीछे एक वजह यह भी थी कि संजीव मुखिया का नाम पहले भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और चोरी से जुड़े कुछ मामलों में सामने आ चुका था। बाद में नीट-यूजी प्रश्नपत्र चोरी का मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।

फरार था संजीव मुखिया, दूसरे मामले में हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान संजीव मुखिया फरार चल रहा था। बाद में बिहार पुलिस ने उसे एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। चूंकि नीट-यूजी प्रश्नपत्र चोरी मामले की प्राथमिकी में भी उसका नाम दर्ज था, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जांचकर्ताओं ने उसकी भूमिका को लेकर उससे पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।

पूछताछ के बाद भी नहीं मिला कोई ठोस साक्ष्य
सीबीआई के अनुसार, रिमांड पर पूछताछ और जांच के दौरान भी संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जो उसे नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी या उसे बांटने की साजिश से जोड़ सके। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने उसके खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। इसका सीधा मतलब यह है कि जांच एजेंसी को उसके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

नीट मामले में जमानत, फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सका
जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि नीट-यूजी मामले में जमानत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया तत्काल जेल से बाहर नहीं आ सका। इसकी वजह उसके खिलाफ चल रहे दूसरे मामले थे। बिहार पुलिस की जांच से जुड़े अन्य मामलों के कारण वह न्यायिक हिरासत में रहा। यानी नीट-यूजी मामले में उसकी स्थिति और दूसरे मामलों में चल रही कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग देखा गया।

45 आरोपियों के खिलाफ अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की जांच में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ पटना की अदालत में कई आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी, उसके वितरण और कथित तौर पर इससे लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान की गई। एजेंसी का दावा है कि मामले की साजिश में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

सीबीआई का दावा- पूरी साजिश का हो चुका खुलासा
जांच एजेंसी ने कहा कि नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले की पूरी साजिश का खुलासा जांच के दौरान किया जा चुका है। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आई, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसे में यह कहना कि संजीव मुखिया को किसी दबाव या किसी अन्य वजह से जानबूझकर जांच से बाहर रखा गया, सही नहीं है।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों पर भी जवाब
संजीव मुखिया का नाम इस मामले में सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। कुछ दावों में उसे प्रश्नपत्र चोरी की कथित साजिश से जोड़कर देखा गया। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी जांच का हवाला देते हुए साफ किया है कि संजीव मुखिया के खिलाफ इस मामले में उसकी भूमिका साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।

जांच के नतीजे के बाद तस्वीर हुई साफ
नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी मामले में संजीव मुखिया की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे थे। अब जांच एजेंसी की ओर से सामने आई जानकारी के बाद इस मामले में उसकी कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। सीबीआई का कहना है कि किसी व्यक्ति का नाम प्राथमिकी में दर्ज होना और जांच में उसके खिलाफ आरोप साबित करने लायक साक्ष्य मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। जांच में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण संजीव मुखिया के खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES