By Malay Ojha | Published: 23 July 2026 at 03:59 PM
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी अब सदन के भीतर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। सत्र के चौथे दिन भी तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए तो सत्ता पक्ष ने उनकी अनुपस्थिति पर सवाल खड़ा कर दिया। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सदन को यह जानने का अधिकार है कि आखिर नेता प्रतिपक्ष कहां हैं और वह अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए सदन में क्यों मौजूद नहीं हैं।
विजय कुमार सिन्हा ने सदन में कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती तभी कायम रहती है, जब सरकार के साथ विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और विपक्ष की मौजूदगी सरकार को जवाबदेह बनाने में मदद करती है। ऐसे में लगातार चार दिनों तक तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर उन्होंने सवाल उठाया।
सत्ता पक्ष ने पूछा- आखिर कहां हैं नेता प्रतिपक्ष?
कृषि मंत्री ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य बीमारी, अस्वस्थता या किसी पारिवारिक कारण से सदन में नहीं आ पा रहा है तो इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि सदन यह जानना चाहता है कि नेता प्रतिपक्ष लगातार कार्यवाही से दूर क्यों हैं।
आरजेडी ने पलटवार कर स्वास्थ्य मंत्री पर उठाया सवाल
विजय कुमार सिन्हा के सवाल का जवाब आरजेडी के मुख्य सचेतक और बोधगया के विधायक कुमार सर्वजीत ने दिया। हालांकि उन्होंने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति की वजह सीधे तौर पर नहीं बताई। इसके बजाय उन्होंने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल खड़ा कर दिया।
कुमार सर्वजीत बोले- हमारे छोटे भाई निशांत कहां हैं?
कुमार सर्वजीत ने कहा कि सदन में बिहार की गंभीर समस्याओं पर चर्चा हो रही है और ऐसे समय में सरकार के जिम्मेदार मंत्री भी सदन में मौजूद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राज्य के सामने वित्तीय संकट जैसे गंभीर मुद्दे हैं तो बिहार की जनता यह भी जानना चाहती है कि स्वास्थ्य मंत्री कहां हैं। इस तरह उन्होंने तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी के सवाल को सरकार के मंत्री की मौजूदगी के मुद्दे से जोड़कर जवाब देने की कोशिश की।
स्पीकर ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री सदन में लगातार रहे हैं
कुमार सर्वजीत के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निशांत कुमार लगातार सदन में उपस्थित रहे हैं। इसके बाद विजय कुमार सिन्हा ने फिर से तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में सवाल किया जा रहा है, वह विधान परिषद में मौजूद हैं।
विजय सिन्हा ने कहा- जिम्मेदारी से भागना ठीक नहीं
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सदस्य को अपने नेता से उसकी जिम्मेदारी के बारे में सवाल करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष बीमार हैं, अस्वस्थ हैं या किसी पारिवारिक कारण से बाहर हैं तो इसकी जानकारी सदन को दी जानी चाहिए। उन्होंने इसे नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि सदन को उनकी अनुपस्थिति की वजह पता होनी चाहिए।
तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं
तेजस्वी यादव की लगातार अनुपस्थिति को लेकर अभी तक उनकी पार्टी या उनकी ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह परिवार के साथ विदेश दौरे पर हैं। यह भी कहा जा रहा है कि उनके 24 जुलाई तक वापस लौटने की संभावना है। खास बात यह है कि बिहार विधानसभा का मानसून सत्र भी 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है। हालांकि विदेश दौरे से जुड़ी इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या पहली बार किसी सत्र में नहीं पहुंचे नेता प्रतिपक्ष?
तेजस्वी यादव की लगातार गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चा इसलिए भी तेज है, क्योंकि इसे बिहार विधानसभा के किसी सत्र में नेता प्रतिपक्ष की असामान्य अनुपस्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस संबंध में यह दावा कि ऐसा पहली बार हुआ है, आधिकारिक रिकॉर्ड से पुष्ट किए बिना निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता। फिर भी मौजूदा स्थिति ने सत्ता पक्ष को आरजेडी पर हमला करने का नया मुद्दा जरूर दे दिया है।
उपचुनाव में भी तेजस्वी के प्रचार को लेकर सवाल
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति का मुद्दा सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव को लेकर भी उनकी सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। चुनाव प्रचार 28 जुलाई को समाप्त होना है, लेकिन अब तक तेजस्वी यादव के आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता के समर्थन में प्रचार करने की कोई बड़ी सार्वजनिक गतिविधि सामने नहीं आई है। ऐसे में विधानसभा से उनकी गैरमौजूदगी और चुनाव प्रचार से दूरी, दोनों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
छात्र आंदोलन के बीच भी विपक्ष की भूमिका पर बहस
दूसरी ओर, नीट से जुड़े मुद्दे को लेकर बिहार समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों का आंदोलन और प्रदर्शन भी चर्चा में है। ऐसे समय में विपक्ष की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सत्ता पक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को इसी राजनीतिक संदर्भ में देख रहा है और इसे विपक्ष की सक्रियता से जोड़कर निशाना साध रहा है।
मानसून सत्र के आखिरी दिन से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र अब अपने अंतिम दौर में है और इसी बीच तेजस्वी यादव की लगातार अनुपस्थिति ने सियासी माहौल गरमा दिया है। एक तरफ सत्ता पक्ष नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी और उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ आरजेडी सरकार के मंत्रियों की सदन में मौजूदगी को लेकर पलटवार कर रही है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर उनकी पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या सफाई सामने आती है और क्या वह सत्र के आखिरी दिन सदन में पहुंचेंगे।
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