By aryavartalive | Published: 23 July 2026 at 07:06 PM
मुजफ्फरपुर में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक ऋण लेने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। विद्युत आपूर्ति अंचल कार्यालय में आयोजित सोलर मेला सह सोलर लोन मेला के बाद हुई समीक्षा बैठक में लंबित बैंक ऋण आवेदनों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से साफ कहा गया कि बिना उचित कारण किसी भी ऋण आवेदन को खारिज नहीं किया जाए और पहले अस्वीकार किए गए आवेदनों की भी दोबारा जांच की जाए।
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने वाले पात्र उपभोक्ताओं को बैंक ऋण उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों में कोई उचित कमी नहीं है, उन्हें बेवजह अस्वीकार करने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। पहले खारिज किए गए आवेदनों की भी पात्रता के आधार पर दोबारा जांच कर जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
सोलर प्लांट लगाने की रफ्तार पर भी नजर
समीक्षा बैठक में उपभोक्ताओं के घरों में सोलर प्लांट लगाने की प्रगति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों, सोलर विक्रेताओं और बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में योजना से जुड़े अलग-अलग स्तर के काम की स्थिति पर चर्चा हुई। खास तौर पर उन मामलों पर ध्यान दिया गया, जहां ऋण आवेदन लंबित हैं या सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
फील्ड निरीक्षण जल्द पूरा करने का आदेश
प्रबंध निदेशक ने क्षेत्र में काम कर रहे सभी अभियंताओं को लंबित फील्ड निरीक्षण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में देरी होने से आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि पात्र उपभोक्ताओं के घरों में सोलर प्लांट लगाने का काम समय पर आगे बढ़ सके।
नेट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी
बैठक में नेट मीटर लगाने की प्रक्रिया को भी तेज करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सोलर प्लांट लगने के बाद उससे जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं को लंबे समय तक लंबित न रखा जाए। इसके साथ ही योजना के तहत चल रहे सभी काम की नियमित निगरानी करने और तय समय के भीतर पूरा कराने को कहा गया।
कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए भी योजना की समीक्षा
समीक्षा बैठक में कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यूएलए मॉडल के तहत लगाए जा रहे सोलर प्लांटों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से इस मॉडल के तहत चल रहे काम की जमीनी स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा सोलर प्लांट लगाने, निरीक्षण, ऋण और नेट मीटर से जुड़े मामलों में आ रही अड़चनों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
सोलर मेले में लोगों को दी गई योजना की जानकारी
इससे पहले विद्युत आपूर्ति अंचल कार्यालय, मुजफ्फरपुर में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की ओर से सोलर मेला सह सोलर लोन मेला लगाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने दीप जलाकर की। इस मौके पर मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी कुमार गौरव भी मौजूद रहे।
पीएम सूर्यघर योजना को बताया अहम पहल
सोलर मेले को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम पहल बताया। उन्होंने लोगों को योजना से मिलने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी। साथ ही आवेदन करने की प्रक्रिया, सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता, बैंक से ऋण लेने की सुविधा और घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने से होने वाली बचत के बारे में भी विस्तार से बताया।
बिजली बिल में बचत के साथ पर्यावरण को फायदा
जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि इस तरह के आयोजन आम लोगों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए जागरूक करने में मददगार हैं। घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने से लोगों को बिजली के खर्च में बचत करने का मौका मिलता है। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास लंबे समय में हरित और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सोलर विक्रेताओं और बैंक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
सोलर मेले में सोलर विक्रेताओं के साथ अलग-अलग बैंकों के प्रतिनिधि और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने भी मेले में पहुंचकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बारे में जानकारी ली। लोगों को सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया, बैंक ऋण और योजना से जुड़े दूसरे जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।
बैंक ऋण से जुड़ी अड़चनों को दूर करने पर जोर
कार्यक्रम के बाद हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों और संबंधित पक्षों के साथ योजना की वास्तविक प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में यह देखा गया कि किन उपभोक्ताओं के आवेदन बैंक स्तर पर लंबित हैं और किन मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि योजना का मकसद तभी पूरा होगा, जब आवेदन से लेकर सोलर प्लांट लगाने तक की पूरी प्रक्रिया आसान और समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
पहले खारिज आवेदनों की होगी दोबारा जांच
बैठक में सबसे अहम निर्देश लंबित और पहले खारिज किए गए बैंक ऋण आवेदनों को लेकर दिया गया। अधिकारियों को कहा गया कि यदि किसी आवेदन को पहले अस्वीकार किया गया है तो उसकी वजह की दोबारा जांच की जाए। अगर आवेदक योजना के लिए पात्र है और आवेदन में कोई गंभीर कमी नहीं है तो उसे नियमानुसार ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाए। इससे सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक लोगों को बैंक ऋण मिलने में आ रही दिक्कतें कम होने की उम्मीद है।
समय पर काम पूरा करने की जिम्मेदारी अभियंताओं पर
प्रबंध निदेशक ने फील्ड स्तर पर काम कर रहे अभियंताओं को भी जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा। उन्होंने लंबित निरीक्षण जल्द पूरा करने, नेट मीटर लगाने की प्रक्रिया को गति देने और योजना से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और सभी काम तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों को अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता और बैंक ऋण की सुविधा के जरिए आम उपभोक्ताओं तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य है। मुजफ्फरपुर में आयोजित सोलर मेला और इसके बाद हुई समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब अधिकारियों की निगरानी इस बात पर रहेगी कि पात्र उपभोक्ताओं के ऋण आवेदन समय पर निपटें और सोलर प्लांट लगाने से जुड़ी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
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