By Malay Ojha | Published: 25 July 2026 at 09:49 AM
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे कथित पेपर लीक माफिया बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। पुलिस के मुताबिक, बिजेंद्र कई महीनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए काफी समय से लगातार दबिश दी जा रही थी। जांच टीम ने बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी उसकी तलाश की। कई महीनों तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार उसे बिहार से पकड़ लिया गया। अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि पेपर लीक की पूरी कड़ी में उसकी क्या भूमिका थी और इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
पूछताछ में खुल सकते हैं पेपर लीक नेटवर्क के राज
बिजेंद्र गुप्ता को इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र किस तरह बाहर पहुंचा, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और पेपर लीक के पीछे काम करने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े दूसरे आरोपियों और पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
पत्नी समेत कई आरोपियों की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच के दौरान इससे पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद बिजेंद्र लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता रहा। उसकी लगातार तलाश की जा रही थी और जांच टीम उसके संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
देश के चर्चित पेपर लीक मामलों में भी आया नाम
बिजेंद्र गुप्ता का नाम इससे पहले भी पेपर लीक से जुड़े विवादों के बीच चर्चा में आ चुका है। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट के पेपर लीक विवाद के दौरान भी उसका नाम सामने आया था। उस दौरान एक स्टिंग ऑपरेशन में उसके कथित बयानों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने कथित तौर पर पेपर लीक करने वाले गिरोह के काम करने के तरीके और परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों को लेकर कई दावे किए थे।
नीट विवाद के बाद फिर चर्चा में आया था नाम
नीट पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। छात्रों और अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की थी। इसी दौरान पेपर लीक के कथित नेटवर्क और उसके तौर-तरीकों को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं। बिजेंद्र गुप्ता का नाम भी इसी संदर्भ में चर्चा में रहा था। हालांकि, अलग-अलग मामलों में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने-अपने स्तर पर चलती रही है।
अब महाराष्ट्र टीईटी मामले की जांच पर नजर
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित पेपर लीक की योजना कैसे बनाई गई थी और प्रश्नपत्र हासिल करने से लेकर उसे आगे पहुंचाने तक कौन-कौन लोग सक्रिय थे। इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार किसी दूसरे राज्य या अन्य परीक्षा से जुड़े मामलों तक पहुंचते हैं।
गिरफ्तारी से सामने आ सकती है पूरी कड़ी
किसी भी पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जांच के लिए अहम मानी जाती है, क्योंकि उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है। महाराष्ट्र पुलिस अब बिजेंद्र गुप्ता से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान उसके संपर्क में रहे लोगों, कथित नेटवर्क के सदस्यों और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।
छात्र आंदोलनों के बीच हुई बड़ी कार्रवाई
बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब देश के कई हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आक्रोश लगातार देखने को मिल रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्र परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक होने का सीधा असर मेहनत करने वाले लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
छात्र संगठनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जाती रही है कि पेपर लीक करने वाले लोगों के साथ-साथ पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा में मौजूद खामियों को भी दूर करना जरूरी है। ऐसे माहौल में महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में कथित मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब जांच में सामने आएगा असली नेटवर्क
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र बिजेंद्र गुप्ता से होने वाली पूछताछ पर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश होगी कि महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क को किस तरह संचालित किया जा रहा था। अगर पूछताछ में अहम सुराग मिलते हैं तो आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले से जुड़े दूसरे आरोपियों और कथित पेपर लीक नेटवर्क पर भी जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
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