By Malay Ojha | Published: 10 August 2026 at 10:21 AM
माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज ले जाते समय नवाबगंज टोल प्लाजा पर काफिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। टोल प्रबंधन की शिकायत के मुताबिक, उमर को पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसके पीछे चल रही करीब 25 से 30 निजी गाड़ियों ने कथित तौर पर बिना टोल दिए बैरियर पार कर लिया। कर्मचारियों ने वाहनों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 8 अगस्त की रात करीब 3:50 बजे नवाबगंज टोल प्लाजा के बूथ नंबर तीन पर हुई। उमर अहमद को जिला कारागार लखनऊ से पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पहले सरकारी वाहन टोल प्लाजा से निकले। इसके बाद बड़ी संख्या में निजी वाहन वहां पहुंचे और यहीं से विवाद शुरू होने का आरोप है।
बैरियर तोड़कर निकलने की कोशिश का आरोप
टोल प्रबंधन का आरोप है कि काफिले में शामिल कुछ वाहन चालकों ने टोल बैरियर को रोकने के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की। कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोककर टोल देने के लिए कहा तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई।
तेज रफ्तार में निकलीं कई गाड़ियां
टोल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि काफिले में शामिल कई वाहन तेज रफ्तार में टोल प्लाजा से निकले। आरोप है कि इस दौरान टोल का बैरियर भी क्षतिग्रस्त हुआ। प्रबंधन ने शिकायत में कहा है कि बिना शुल्क दिए वाहनों के निकलने से टोल राजस्व को भी नुकसान हुआ। हालांकि, नुकसान की वास्तविक रकम कितनी है, इसका आकलन जांच के बाद सामने आएगा।
वाहनों के नंबर भी पुलिस को दिए
मामले को लेकर टोल प्रबंधन ने पुलिस को दी गई तहरीर में काफिले में शामिल बताए जा रहे कई वाहनों के पंजीकरण नंबर भी दर्ज कराए हैं। इनमें यूपी32 एनजे 1458, यूपी70 एचपी 8416, यूपी32 क्यूसी 0072, यूपी32 ईजेड 2056, यूपी70 एचबी 1786, यूपी70 डीएल 6 सीटी 9370, यूपी60 एवी 5378, यूपी70 एचएक्स 3080, यूपी70 जीवी 2525, यूपी32 जीई 8243, यूपी32 केआर 3795 और यूपी70 जीक्यू 4834 समेत अन्य वाहन शामिल बताए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज से खुल सकता है पूरा मामला
अब इस पूरे मामले में टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस शिकायत में दर्ज वाहनों के नंबर और कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर यह पता लगा सकती है कि घटना के समय कौन-कौन से वाहन वहां से गुजरे थे। फुटेज से यह भी साफ हो सकता है कि बैरियर को किस वाहन से नुकसान पहुंचा और टोल कर्मचारियों के साथ वास्तव में क्या हुआ।
टोल प्रबंधन ने लगाए कई गंभीर आरोप
शिकायत में टोल प्रबंधन ने बिना शुल्क दिए टोल पार करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन लोगों की भूमिका थी और उनके खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई आगे बढ़ती है।
उमर अहमद क्यों जा रहे थे प्रयागराज?
उपलब्ध शिकायत के मुताबिक, उमर अहमद को अदालत के आदेश के बाद पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया जा रहा था। बताया गया है कि उन्हें एक पारिवारिक जनाजे में शामिल होना था। इसी दौरान उनके साथ चल रहे वाहनों की संख्या काफी अधिक थी और नवाबगंज टोल प्लाजा पर इसी काफिले को लेकर विवाद सामने आया।
पुलिस जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल पुलिस ने टोल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, टोल से जुड़े अभिलेख और शिकायत में दिए गए वाहन नंबर अहम सबूत हो सकते हैं। यदि फुटेज और अन्य साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
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