By Malay Ojha | Published: 10 August 2026 at 04:40 PM
पटना: स्वतंत्रता दिवस से पहले सोमवार को पटना की सड़कों पर देशभक्ति का अलग ही रंग देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और आम लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर का रास्ता ऐसा नजर आया, मानो पूरी राजधानी राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंग गई हो। ताजा रिपोर्टों में भी इस यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी की पुष्टि हुई है।
बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस यात्रा की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई। यहां से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लोग तिरंगा लेकर कारगिल चौक की ओर आगे बढ़े। यात्रा में बच्चों और युवाओं की मौजूदगी खास तौर पर दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर भी लोगों की नजरें इस तिरंगा यात्रा पर टिकी रहीं।
बैंड की थाप और नारों से गूंजा रास्ता
यात्रा के दौरान बैंड की धुन और हाथों में लहराते तिरंगे ने माहौल को पूरी तरह देशभक्ति से भर दिया। ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों के बीच लोग लगातार आगे बढ़ते रहे। बच्चों की भागीदारी ने भी यात्रा को खास बना दिया। तिरंगे के साथ पैदल चलते लोगों की भीड़ ने राजधानी की सड़कों पर स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
संजय सरावगी भी यात्रा में हुए शामिल
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी जेपी गोलंबर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल हुए और जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक पैदल चले। इस दौरान उन्होंने बच्चों और अन्य प्रतिभागियों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा पूरी की।
कारगिल चौक पर शहीदों को नमन
तिरंगा यात्रा कारगिल चौक पहुंचने के बाद समाप्त हुई। यहां संजय सरावगी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। यात्रा का समापन शहीदों के सम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण के संदेश के साथ हुआ।
‘तिरंगा हमारे मान और सम्मान का प्रतीक’
यात्रा के दौरान संजय सरावगी ने कहा कि तिरंगा देश के मान, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। उनके मुताबिक तिरंगा यात्रा अब केवल एक कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की भागीदारी वाला अभियान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं और बिहार में भी यह संदेश गांव-गांव तक पहुंच रहा है।
12 अगस्त को जिलों में भी निकलेगी यात्रा
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई है। इसके बाद 12 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में भी लोग अपने स्तर पर तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। इस तरह स्वतंत्रता दिवस से पहले अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
हर घर और प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराने की अपील
संजय सरावगी ने लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में लोगों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। केंद्र सरकार ने इस वर्ष यह अभियान 9 से 17 अगस्त तक चलाने की घोषणा की है। अभियान को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और लोगों की भागीदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस बार ‘वंदे मातरम्’ पर भी जोर
इस वर्ष के अभियान को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा गया है। देशभर में इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिहार में भी तिरंगा यात्रा के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के जरिए देशभक्ति की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का आयोजन देशभर में चल रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है।
‘तिरंगा केवल झंडा नहीं, देश का गौरव’
संजय सरावगी ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसमें देश के वीर जवानों के साहस, त्याग और बलिदान की भावना भी जुड़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर घर तिरंगा अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जनभागीदारी का पर्व बनाएं।
बच्चों और युवाओं ने बढ़ाया उत्साह
तिरंगा यात्रा में बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलते बच्चों ने यात्रा को खास आकर्षण दिया। युवाओं की मौजूदगी ने भी पूरे कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया। यात्रा में शामिल लोगों के बीच देशभक्ति के नारों और तिरंगे को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।
शहीदों के बलिदान को याद करने का संदेश
यात्रा का एक महत्वपूर्ण संदेश उन वीर जवानों को याद करना भी रहा, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। कारगिल चौक स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि के साथ कार्यक्रम का समापन इसी भावना को मजबूत करता नजर आया। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की।
‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने और देश के विकास में अपना योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में निकली पटना की यह यात्रा इसी संदेश के साथ समाप्त हुई कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्य को याद करने का भी समय है।
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