By Malay Ojha | Published: 12 August 2026 at 05:31 PM
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर के अगले आंदोलन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर लगातार लोग पूछ रहे हैं कि जंतर-मंतर का ‘सीजन-2’ कब शुरू होगा। दिपके ने कहा कि इसका इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं है और जंतर-मंतर का सीजन-2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है। हालांकि, उन्होंने अभी यह साफ नहीं किया है कि अगला आंदोलन किस मुद्दे पर होगा।
दिपके के इस ऐलान के बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अगला आंदोलन गांवों के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति से जुड़ा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि दिपके ने एक दिन पहले ही सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू करने की बात कही गई है।
दिल्ली में बैठक को लेकर लगाया बड़ा आरोप
इसी बीच दिपके ने दिल्ली में अपने कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए जगह नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि बुधवार को दिल्ली में स्वयंसेवकों की बैठक होनी थी और इसके लिए एक सभागार की तलाश की जा रही थी। उनका दावा है कि कई जगहों पर संपर्क करने के बावजूद उन्हें किराए पर जगह नहीं दी गई।
‘ऊपर से दबाव’ का दावा
दिपके के मुताबिक, जिन लोगों से सभागार के लिए बात की गई, उनमें से कई ने कथित तौर पर कहा कि उन पर ऊपर से दबाव है। काफी कोशिशों के बाद एक जगह बैठक के लिए तय हुई। दिपके ने दावा किया कि उनके पास उस सभागार की रसीद भी मौजूद है, लेकिन बैठक से पहले ही उसके मालिकों को कथित तौर पर धमकियां दी गईं।
हॉल मालिकों को धमकाने का आरोप
दिपके ने आरोप लगाया कि सभागार के मालिकों को धमकाकर कहा गया कि अगर वहां बैठक होने दी गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें यहां तक कहा गया कि बैठक की अनुमति देने पर मालिकों को ‘उल्टा लटका दिया जाएगा’। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
भाजपा पर साधा निशाना
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने इस पूरे मामले के लिए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कथित कोशिशों से यह साफ होता है कि भाजपा युवाओं की बढ़ती सक्रियता से घबराई हुई है। दिपके ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि इस तरह के दबाव या धमकी से आंदोलन से जुड़े लोग पीछे हट जाएंगे तो यह उसकी बड़ी गलतफहमी है।
पुलिस से भी पूछा सवाल
मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर बैठक के लिए जगह देने वाले लोगों को धमकाया गया है तो पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि क्या पुलिस आम लोगों की सुरक्षा के लिए काम करेगी या केवल सत्ताधारी दल के हितों को ध्यान में रखेगी।
15 अगस्त से शुरू होगा नया अभियान
दरअसल, अभिजीत दिपके ने सोमवार को सरकारी स्कूलों को लेकर अपने अगले अभियान का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि गांवों में सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में अभिभावकों से स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने की अपील की गई है।
अभिभावकों से स्कूलों की जांच की अपील
दिपके ने अभिभावकों से कहा है कि वे अपने गांव के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने लाएं। इसमें स्कूल की इमारत, पीने का पानी, शौचालय, पढ़ाई का माहौल और दूसरी जरूरी सुविधाओं की स्थिति देखे जाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि केवल सरकारी आंकड़ों के भरोसे रहने के बजाय जमीन पर स्कूलों की स्थिति को समझना जरूरी है।
सरपंचों को भी जिम्मेदारी लेने की अपील
इस अभियान में गांव के सरपंचों की भूमिका पर भी जोर दिया गया है। दिपके ने सरपंचों से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव के जनप्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड
कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुकी है। जून में हुए उसके पहले बड़े प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। उस दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की थी। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने की खबर भी सामने आई थी।
‘सीजन-2’ पर अभी तस्वीर साफ नहीं
अब दिपके के ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ वाले बयान ने एक बार फिर उनके अगले आंदोलन को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, उन्होंने अभी तक यह नहीं बताया है कि प्रदर्शन की तारीख क्या होगी, कितने लोग इसमें शामिल होंगे और मुख्य मांगें क्या रहेंगी। यही वजह है कि उनके इस ऐलान को फिलहाल अगले बड़े आंदोलन की तैयारी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या सरकारी स्कूल बनेंगे अगला बड़ा मुद्दा?
दिपके के ताजा बयान और सरकारी स्कूलों को लेकर घोषित अभियान को एक साथ देखें तो शिक्षा और गांवों के स्कूल अगली मुहिम का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। लेकिन जंतर-मंतर पर होने वाले अगले प्रदर्शन का अंतिम एजेंडा सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि कॉकरोच जनता पार्टी किस मुद्दे को केंद्र में रखकर आंदोलन शुरू करती है।
युवाओं को जोड़ने की कोशिश
कॉकरोच जनता पार्टी की गतिविधियां पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया से निकलकर सड़क तक पहुंची हैं। जून में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद दिपके ने आंदोलन को देशभर में ले जाने की बात कही थी। उस समय भी पार्टी की ओर से कहा गया था कि दिल्ली का प्रदर्शन केवल शुरुआत है।
अब ‘सीजन-2’ की घोषणा के साथ एक बार फिर निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि दिपके अगला कदम कब उठाते हैं और उनका नया आंदोलन किस मुद्दे पर केंद्रित रहता है। फिलहाल 15 अगस्त से शुरू होने वाले सरकारी स्कूल अभियान और जंतर-मंतर के अगले आंदोलन को लेकर उनके समर्थकों में उत्सुकता बढ़ गई है।
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