By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 10:08 PM
नवादा में रविवार को एक ऐसा धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन हुआ, जिसने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान खींचा। मॉडर्न शैक्षणिक समूह के तत्वावधान में कुंतीनगर स्थित मॉडर्न इंग्लिश स्कूल परिसर में 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने एक साथ श्रीरामचरितमानस के बालकांड का संगीतमय पाठ किया। कार्यक्रम में धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता और मेरठ के सांसद अरुण गोविल भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थी एक साथ श्रीरामचरितमानस के बालकांड के सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ और श्रीराम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का संगीतमय पाठ करते नजर आए। विशाल परिसर में एक साथ गूंजती चौपाइयों और श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
तीन घंटे तक गूंजता रहा श्रीराम का नाम
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह आयोजन लगभग तीन घंटे तक चला। मंच पर 11 छात्र-छात्राओं ने मुख्य प्रस्तुति दी, जबकि विशाल पंडाल में बैठे हजारों विद्यार्थियों ने उनके साथ सामूहिक रूप से मानस पाठ किया। इस दौरान संगीत और सामूहिक पाठ ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
अरुण गोविल को देखने के लिए छात्रों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में अरुण गोविल के पहुंचते ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में खास उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर में उनका पुष्पगुच्छ, पुष्पवर्षा, आरती और मंगलाचार के साथ स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भगवा परिधान और चंदन तिलक में नजर आए।
‘राम के चरित्र को जीवन में उतारें’
अरुण गोविल ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन सत्य, संयम, धैर्य, कर्तव्य और मर्यादा की सीख देता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में मुश्किल परिस्थितियां आएं तो जल्दबाजी या आवेश में फैसला लेने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम करना चाहिए।
अच्छे अंक से ज्यादा जरूरी अच्छा इंसान बनना
अरुण गोविल ने विद्यार्थियों को सफलता का अर्थ भी समझाया। उन्होंने कहा कि केवल अच्छे अंक हासिल कर लेना ही जीवन की पूरी सफलता नहीं है। सही मायने में सफल वही व्यक्ति है जो अच्छा इंसान बने, अपने वचन का सम्मान करे, कठिन समय में धैर्य बनाए रखे और दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश करे।
‘रामायण’ से जुड़े किस्से भी सुनाए
कार्यक्रम के दौरान अरुण गोविल ने धारावाहिक ‘रामायण’ के निर्माण से जुड़े कुछ पुराने और यादगार प्रसंग भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। राम और रावण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर छात्र-छात्राओं में खास उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने नवादा के लोगों से मिले स्नेह और सम्मान के लिए भी आभार जताया।
कृषि मंत्री ने आयोजन को बताया संस्कार से जुड़ा प्रयास
बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक हजारों विद्यार्थियों का एक साथ श्रीरामचरितमानस का पाठ करना भारतीय संस्कृति, सभ्यता और नैतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर है।
‘नवादा से देश-दुनिया तक पहुंचे सांस्कृतिक संदेश’
विजय कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन को आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब बच्चे तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे आयोजन उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने इस आयोजन से निकले सांस्कृतिक संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की बात कही।
विद्यालय प्रबंधन ने बताई आयोजन की वजह
मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि हजारों विद्यार्थियों की भागीदारी वाला यह कार्यक्रम शिक्षकों और छात्रों की मेहनत, अनुशासन और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस भारतीय सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता और जीवन मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है।
‘बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी’
डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि बदलती जीवनशैली के दौर में बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने वाले कार्यक्रमों की जरूरत और बढ़ गई है। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
परिवार और रिश्तों की भी दी गई सीख
मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ. शैलेश कुमार ने श्रीरामचरितमानस में बताए गए पारिवारिक मूल्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परिवार प्रेम, संस्कार, त्याग और मर्यादा से मजबूत होता है। श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के भाईचारे तथा राम-सीता के संबंध का उदाहरण देते हुए उन्होंने बच्चों को रिश्तों में जिम्मेदारी और सम्मान की अहमियत समझाई।
मंच पर छात्रों ने दी प्रस्तुति
कार्यक्रम की मुख्य मंचीय प्रस्तुति में अनुराधा, साक्षी, प्रिया, रिद्धिमा, परी, आराध्या, तुली, साक्षी और अनमोल सहित छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बिहार के प्रसिद्ध तबला वादक नंदन झा ने तबले पर संगत की। संगीत शिक्षक पवन कुमार और अनिल कुमार ने हारमोनियम तथा नाल के जरिए प्रस्तुति को आगे बढ़ाया।
बड़े पर्दे पर भी दिखता रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम में मंच के साथ बड़े पर्दे लगाए गए थे, ताकि दूर बैठे विद्यार्थी और दर्शक भी मंच पर चल रही प्रस्तुति को आसानी से देख सकें। मंच संचालन प्रज्ञा दूबे, अदिति सिन्हा और परिधि ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी इसकी सबसे खास बात रही।
आरती और प्रसाद के साथ हुआ समापन
दोपहर करीब दो बजे मानस पाठ पूरा होने के बाद प्रभु श्रीराम की सामूहिक आरती की गई। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन की ओर से मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों और वाद्य यंत्रों पर संगत करने वाले कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच प्रसाद भी बांटा गया।
अरुण गोविल के साथ तस्वीर लेने की होड़
कार्यक्रम खत्म होने के बाद अरुण गोविल के साथ तस्वीर और सेल्फी लेने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों में खास उत्साह दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया। कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक उत्साह का माहौल बना रहा।
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