By Malay Ojha | Published: 19 October 2026 at 10:38 PM
मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए रेहान, ऋतिक कुमार और फूल सिंह को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फायरिंग के बाद मुंबई से निकलकर कई जगहों से होते हुए राजस्थान पहुंचे थे। उनकी गिरफ्तारी में CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल अहम रहा।
कोटा में गिरफ्तारी, 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड
मुंबई क्राइम ब्रांच के DCP राजतिलक रौशन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीनों आरोपियों को कोटा में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें मुंबई ले जाने के लिए 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की है। पुलिस अब आरोपियों को मुंबई ला रही है, जहां उनसे फायरिंग की घटना को लेकर पूछताछ की जाएगी।
आरोपियों पर हत्या की कोशिश और मकोका के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। तीनों बालिग हैं। इनमें एक की उम्र 18 साल और बाकी दो की उम्र 22 साल बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) भी लगाया गया है।
फायरिंग के बाद बाइक छोड़कर भागे आरोपी
जांच में सामने आया है कि कथित फायरिंग के बाद आरोपी विले पार्ले और अंधेरी होते हुए एसवी रोड की तरफ भागे। इसके बाद उन्होंने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास मोटरसाइकिल छोड़ दी और लोकल ट्रेन से बोरीवली पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए रास्ते में कई बार यात्रा के साधन बदले।
कैब से सूरत पहुंचे, फिर ट्रेन से राजस्थान गए
बोरीवली से आरोपियों ने गुजरात के सूरत जाने के लिए ऐप आधारित कैब बुक की। पुलिस के अनुसार, यह कैब ऋतिक ने बुक की थी। सूरत पहुंचने के बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए। मुंबई क्राइम ब्रांच ने CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और फील्ड जांच की मदद से उनकी यात्रा का पता लगाया।
जांच के दौरान पुलिस ने उस ट्रेन के कोच की भी पहचान की, जिसमें आरोपी सफर कर रहे थे। इसके बाद राजस्थान पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के आधार पर कोटा रेलवे स्टेशन पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
20 विशेष टीमें जांच में जुटीं
DCP राजतिलक रौशन ने बताया कि फायरिंग की घटना की जांच के लिए करीब 20 विशेष टीमें बनाई गई थीं। इस कार्रवाई में दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच की मदद की। अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय से आरोपियों की लोकेशन का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में मदद मिली।
हमले में दो हथियारों के इस्तेमाल का दावा
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर करीब पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गईं। वारदात में कथित तौर पर दो हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस ने बताया कि कथित शूटरों में फूल सिंह और रेहान के नाम सामने आए हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के दौरान एक हथियार खराब हुआ था या नहीं और आरोपियों की भूमिका क्या थी।
फिलहाल पुलिस को हथियार बरामद करने बाकी हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात में इस्तेमाल हथियारों और हमले की पूरी योजना के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
फायरिंग में इस्तेमाल बाइक की भी जांच
क्राइम ब्रांच ने कथित वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को अंधेरी इलाके से बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बाइक ऋतिक की बताई जा रही है, जिसने इसे 11 सितंबर को खरीदा था। जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2022 से मोटरसाइकिल कई बार बदली गई, लेकिन उसके कुछ हस्तांतरण आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिले।
पुलिस अब बाइक की ओनरशिप हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बाइक आरोपियों तक कैसे पहुंची और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने वाहन उपलब्ध कराने में उनकी मदद की थी।
टाइगर की लोकेशन कैसे मिली, इसकी भी जांच
पुलिस आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, आपसी संबंधों और फायरिंग से पहले की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपियों को टाइगर श्रॉफ की लोकेशन की जानकारी कैसे मिली और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने हमले की योजना बनाने या उसे अंजाम देने में मदद की थी।
DCP रौशन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक हमले के पीछे की बड़ी साजिश का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस ने यह भी कहा कि उसके पास फायरिंग से पहले टाइगर श्रॉफ को इस घटना से संबंधित धमकी भरे कॉल आने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि जांच में मिलने वाले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस का जोर आरोपियों से पूछताछ, हथियारों की बरामदगी और हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने पर है।
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