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अनंत सिंह के निष्कासन पर समर्थकों का जश्न, नीतीश कुमार को लेकर किया बड़ा दावा

By aryavartalive | Published: 25 October 2026 at 12:10 AM

जेडीयू से छह साल के लिए निकाले गए मोकामा विधायक अनंत सिंह के समर्थकों ने पार्टी की कार्रवाई के बाद अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। समर्थकों ने सरकारी आवास पर आतिशबाजी की और कहा कि इस फैसले से उनके नेता की राजनीतिक ताकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। समर्थकों ने यह दावा भी किया कि अनंत सिंह को पार्टी से बाहर करने का फैसला नीतीश कुमार की जानकारी के बिना लिया गया।

अनंत सिंह और नीलम देवी पर जेडीयू की बड़ी कार्रवाई
जनता दल (यूनाइटेड) ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी कार्रवाई की गई है। उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। इस फैसले से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

समर्थकों ने कहा- अनंत सिंह पर नहीं पड़ेगा असर
पार्टी से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने उनके पक्ष में खुलकर बात रखी। उनका कहना है कि अनंत सिंह ने पूरी ताकत से जेडीयू का समर्थन किया था। इसके बावजूद उन्हें पार्टी से बाहर किया गया। समर्थकों ने कार्रवाई के पीछे नीतीश कुमार की सहमति होने पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, नीतीश कुमार की जानकारी को लेकर किया गया यह दावा समर्थकों का है।

विधान परिषद चुनाव बना कार्रवाई की वजह
जेडीयू ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के पीछे पार्टी के निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता को वजह बताया है। पार्टी के आदेश के मुताबिक, उन पर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरोध में काम करने का आरोप है।

जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ किया था प्रचार
विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया और प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। जेडीयू ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की।

विधानसभा की सदस्यता पर भी उठ सकता है सवाल
जेडीयू ने अपने आदेश में कहा है कि अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश बिहार विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी। इसके लिए संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया गया है। अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

नीलम देवी पर भी गिरी गाज
जेडीयू ने पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसी आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई और उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इस तरह पार्टी ने अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी पर भी सख्त कार्रवाई की है।

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अनंत सिंह के निष्कासन पर समर्थकों का जश्न, नीतीश कुमार को लेकर किया बड़ा दावा

By aryavartalive | Published: 25 October 2026 at 12:10 AM

जेडीयू से छह साल के लिए निकाले गए मोकामा विधायक अनंत सिंह के समर्थकों ने पार्टी की कार्रवाई के बाद अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। समर्थकों ने सरकारी आवास पर आतिशबाजी की और कहा कि इस फैसले से उनके नेता की राजनीतिक ताकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। समर्थकों ने यह दावा भी किया कि अनंत सिंह को पार्टी से बाहर करने का फैसला नीतीश कुमार की जानकारी के बिना लिया गया।

अनंत सिंह और नीलम देवी पर जेडीयू की बड़ी कार्रवाई
जनता दल (यूनाइटेड) ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी कार्रवाई की गई है। उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। इस फैसले से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

समर्थकों ने कहा- अनंत सिंह पर नहीं पड़ेगा असर
पार्टी से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने उनके पक्ष में खुलकर बात रखी। उनका कहना है कि अनंत सिंह ने पूरी ताकत से जेडीयू का समर्थन किया था। इसके बावजूद उन्हें पार्टी से बाहर किया गया। समर्थकों ने कार्रवाई के पीछे नीतीश कुमार की सहमति होने पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, नीतीश कुमार की जानकारी को लेकर किया गया यह दावा समर्थकों का है।

विधान परिषद चुनाव बना कार्रवाई की वजह
जेडीयू ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के पीछे पार्टी के निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता को वजह बताया है। पार्टी के आदेश के मुताबिक, उन पर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरोध में काम करने का आरोप है।

जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ किया था प्रचार
विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया और प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। जेडीयू ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की।

विधानसभा की सदस्यता पर भी उठ सकता है सवाल
जेडीयू ने अपने आदेश में कहा है कि अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश बिहार विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी। इसके लिए संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया गया है। अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

नीलम देवी पर भी गिरी गाज
जेडीयू ने पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसी आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई और उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इस तरह पार्टी ने अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी पर भी सख्त कार्रवाई की है।

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