By Malay Ojha | Published: 25 October 2026 at 10:02 AM
पटना: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले जाने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है। अनंत सिंह ने दावा किया कि आगामी चुनाव में जेडीयू को अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लग जाएगा।
एक इंटरव्यू में अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें निकाला है तो निकाल दे। वह दोबारा पार्टी में रखने की गुहार लगाने नहीं जाएंगे। उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान बरकरार रहने की बात कही, लेकिन मौजूदा पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए।
‘पार्टी से निकालने का कोई गम नहीं’
निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने जो किया, उसे वह सही मानते हैं। पार्टी के फैसले पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी से दोबारा शामिल करने की मांग नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, पार्टी को कार्रवाई करनी थी तो कर दी।
नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले अनंत सिंह?
नीतीश कुमार के बारे में पूछे जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि उनके प्रति सम्मान पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर नीतीश कुमार पार्टी की कमान संभाल रहे होते तो उन्हें निष्कासित करने का फैसला नहीं होता।
अनंत सिंह ने मौजूदा पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अब पार्टी में कई ऐसे लोग मालिक बनकर बैठे हैं, जिनका पार्टी बनाने में कोई योगदान नहीं रहा। उन्होंने आगामी चुनाव में जेडीयू की सीटें कम होने का दावा भी किया।
निशांत कुमार पर टिप्पणी से किया परहेज
अनंत सिंह से जब पूछा गया कि उनके निष्कासन के पीछे किसका हाथ है, तो उन्होंने कहा कि पार्टी का मालिक ही किसी को बाहर निकाल सकता है। निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह उनके बारे में कुछ नहीं बोलना चाहते। पार्टी जो फैसला करेगी, उसके लिए वह तैयार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके साथ गलत किया है। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि अगर उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की कोशिश की जाती है तो उन्हें इससे भी कोई परेशानी नहीं होगी।
‘चुनाव आने पर सब पता चल जाएगा’
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर अनंत सिंह ने फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आगे किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताने की बात भी कही।
अनंत सिंह ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू की स्थिति कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी में मंत्री बने बैठे नेताओं को भी चुनाव के बाद अपनी राजनीतिक हैसियत का पता चल जाएगा।
क्यों हुई अनंत सिंह पर कार्रवाई?
जेडीयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई। पार्टी ने उन पर निर्देशों की अनदेखी करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के आरोप लगाए।
विवाद उस समय बढ़ा, जब अनंत सिंह ने विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया। उन्होंने उनके पक्ष में प्रचार करते हुए जेडीयू के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने की बात कही थी।
विधानसभा सदस्यता पर भी उठे सवाल
जेडीयू ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की है। हालांकि, सदस्यता समाप्त होने का अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।
पार्टी ने अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में समाप्त कर दी है। इस कार्रवाई के बाद अनंत सिंह और जेडीयू नेतृत्व के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
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