By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 at 03:27 PM
बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट जीतने के बाद जेडीयू के नीरज कुमार के एक बयान ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। नीरज कुमार ने साफ कहा है कि वह केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह से आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे। उन्होंने चुनाव के दौरान झेलनी पड़ी परेशानियों का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि राजनीति में मिला कर्ज वह सूद समेत लौटाएंगे।
नीरज कुमार के इस बयान को चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर सामने आए विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है। पटना स्नातक सीट पर उन्हें विपक्षी उम्मीदवारों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के विधायक रहे अनंत सिंह की चुनौती का भी सामना करना पड़ा था। चुनाव के बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
ललन सिंह से आशीर्वाद लेने से किया इनकार
चुनाव में जीत के बाद नीरज कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। इसके बाद ललन सिंह को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे आशीर्वाद लेने जाने का सवाल ही नहीं उठता। नीरज ने सवाल किया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान आखिर उनका कसूर क्या था, जिसकी वजह से उन्हें इतनी परेशानी झेलनी पड़ी।
‘राजनीति का कर्ज सूद समेत लौटाऊंगा’
नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा कि उनके माता-पिता और पूर्वजों ने उन्हें हमेशा कर्ज लौटाने की सीख दी है। उन्होंने इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में जो कर्ज मिला है, उसे वह सूद समेत वापस करेंगे। उनके इस बयान से पार्टी के अंदर चुनाव के दौरान पैदा हुए मतभेदों की चर्चा फिर तेज हो गई है।
मुश्किल वक्त में साथ देने वालों से मिलेंगे नीरज
नवनिर्वाचित एमएलसी ने कहा कि चुनाव के दौरान जिन लोगों ने बीमारी की हालत में भी उनका हाल पूछा, जिन कार्यकर्ताओं ने उनसे संपर्क बनाए रखा और जिन्हें उनका साथ मिला, अब वह उन्हीं लोगों से मिलने जाएंगे। उनके मुताबिक, चुनाव में असली सवाल यह था कि मुश्किल समय में उनके साथ कौन खड़ा रहा।
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि जेडीयू में अब माहौल बदल चुका है। पार्टी में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और किसी को राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
अनंत सिंह के विरोध ने बढ़ाई थी चुनावी चुनौती
पटना स्नातक सीट के चुनाव के दौरान जेडीयू के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए थे। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदर की खींचतान को सार्वजनिक कर दिया था।
अनंत सिंह का मोकामा और बाढ़ के आसपास के इलाकों में प्रभाव माना जाता है। ऐसे में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ उनका प्रचार करना चुनावी मुकाबले का बड़ा मुद्दा बन गया था।
जीत के बाद भी खत्म नहीं हुई सियासी खींचतान
तमाम चुनौतियों के बावजूद नीरज कुमार पटना स्नातक सीट पर अपनी जीत बरकरार रखने में सफल रहे। उनकी जीत से जेडीयू और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को राहत मिली। हालांकि, चुनाव के बाद नीरज कुमार के ताजा बयान ने पार्टी के भीतर मतभेदों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि उनके इस बयान के बाद जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की क्या प्रतिक्रिया आती है।
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