By Malay Ojha | Published: 01 November 2026 at 10:17 PM
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कथित अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिए गए चंद्राकर को प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद CBI की टीम मस्कट से भारत लेकर पहुंची।
ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामलों में वांछित था। CBI की ओर से इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि ED ने भी अपनी जांच के बाद अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर हुई कार्रवाई
सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल की तरफ से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था। ओमान सरकार से प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत लेकर आई।
मेडिकल के बाद रायपुर ले जाने की तैयारी
भारत पहुंचने के बाद चंद्राकर का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जहां इस मामले से जुड़ी आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
देशभर में फैला था ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क
CBI की जांच में महादेव ऑनलाइन बुक को देश के बड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में शामिल बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इसका नेटवर्क फ्रेंचाइजी पैनल और अलग-अलग ब्रांच के जरिए देश के कई हिस्सों तक फैला हुआ था।
क्रिकेट से ताश तक, कई खेलों पर लग रहा था दांव
जांच में सामने आया कि इस सिंडिकेट के जरिए कथित तौर पर क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य गतिविधियों पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी। इस नेटवर्क के संचालन और इससे होने वाली कमाई को लेकर जांच एजेंसियां लंबे समय से पड़ताल कर रही हैं।
म्यूल अकाउंट और हवाला से पैसे के लेन-देन का आरोप
CBI की जांच के मुताबिक, कथित सट्टेबाजी से होने वाली रकम को म्यूल बैंक खातों, कई स्तर के लेन-देन और हवाला चैनलों के जरिए इधर-उधर भेजा जाता था। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि इस रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों को प्रोटेक्शन मनी देने में इस्तेमाल किया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर CBI ने संभाली जांच
इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध के बाद CBI ने अपने हाथ में ली थी। जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन और नियंत्रण किन लोगों के जरिए किया जा रहा था।
सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जाना इस मामले की जांच में अहम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ के जरिए महादेव ऐप के कथित नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकती हैं।
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