By Malay Ojha | Published: 04 November 2026 at 12:49 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में एक और बड़ा झटका लगा है। मिशिगन की अहम अमेरिकी सीनेट सीट पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक रोजर्स को हरा दिया है। खास बात यह है कि रोजर्स को खुद ट्रंप का समर्थन हासिल था। इसके बावजूद मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया और अल-सैयद ने जीत दर्ज कर ली।
चुनावी नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था डिसीजन डेस्क मुख्यालय (DDHQ) ने अब्दुल अल-सैयद को विजेता घोषित किया है। उपलब्ध नतीजों के मुताबिक, अल-सैयद को 53.34 प्रतिशत वोट मिले, जबकि माइक रोजर्स 44.90 प्रतिशत वोटों पर सिमट गए। इस जीत के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी ने मिशिगन की महत्वपूर्ण सीनेट सीट अपने नाम कर ली है।
मिशिगन में ट्रंप के समर्थन पर भारी पड़े अल-सैयद
मिशिगन का यह चुनाव केवल दो उम्मीदवारों की राजनीतिक लड़ाई तक सीमित नहीं था। इसे ट्रंप की लोकप्रियता और रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी पकड़ की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा था। माइक रोजर्स ने ट्रंप के समर्थन के साथ चुनाव लड़ा, जबकि अब्दुल अल-सैयद ने महंगाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी।
इस मुकाबले में अल-सैयद की जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब रिपब्लिकन पार्टी को ट्रंप के नेतृत्व में चुनावी बढ़त बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप ने चुनाव से पहले अल-सैयद को लेकर क्या कहा था?
चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अब्दुल अल-सैयद पर तीखा हमला किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया था कि अल-सैयद यहूदियों, अश्वेतों और गोरों से नफरत करते हैं। ट्रंप ने मिशिगन के मतदाताओं से यहां तक कहा था कि केवल मूर्ख लोग ही उन्हें वोट देंगे।
ट्रंप के इस बयान के बाद भी अल-सैयद अपनी चुनावी मुहिम में जुटे रहे। उन्होंने प्रचार के दौरान लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं और आर्थिक मुद्दों को केंद्र में रखा। अब नतीजे आने के बाद ट्रंप समर्थित उम्मीदवार की हार को अमेरिकी राजनीति में रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक और झटके के रूप में देखा जा रहा है।
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