By Malay Ojha | Published: 12 August 2026 at 10:00 PM
पटना: बिहार में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार अब केंद्र की मदद के ऊपर अपनी ओर से भी 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट, अधिकतम 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसका सीधा मतलब है कि सोलर पैनल लगवाने वाले पात्र परिवारों को अब पहले के मुकाबले कम अपनी जेब से खर्च करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता के साथ बिहार सरकार की नई सहायता जोड़ी जाएगी। एक किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र से 30 हजार रुपये और राज्य से 10 हजार रुपये मिलेंगे। यानी कुल 40 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध होगी। इसी तरह दो किलोवाट के संयंत्र पर कुल 80 हजार रुपये तक और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकेगी।
तीन किलोवाट पर सबसे ज्यादा फायदा
तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर संयंत्र लगाने वाले पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इसके साथ बिहार सरकार 20 हजार रुपये अतिरिक्त देगी। इस तरह कुल सहायता 98 हजार रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी मदद से उन परिवारों के लिए भी छत पर सोलर लगवाना आसान होगा, जो शुरुआती खर्च अधिक होने के कारण अब तक योजना से दूर थे।
पांच लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार की यह अतिरिक्त सहायता सभी आवेदकों को अनिश्चित अवधि तक नहीं मिलेगी। इसके लिए अधिकतम पांच लाख पात्र घरेलू उपभोक्ताओं का लक्ष्य तय किया गया है। लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि पात्रता पूरी करने वाले जो उपभोक्ता पहले आवेदन करेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलने की संभावना अधिक होगी। इसलिए सोलर लगाने की योजना बना रहे परिवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।
सरकार पर पड़ेगा 1000 करोड़ रुपये का भार
इस योजना के लिए बिहार सरकार ने करीब 1000 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का अनुमान लगाया है। हालांकि वास्तविक खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने उपभोक्ता इस सहायता का लाभ लेते हैं और उनके घरों पर कितनी क्षमता के सोलर संयंत्र लगाए जाते हैं। सरकार ने फिलहाल सहायता को पांच लाख पात्र आवासीय उपभोक्ताओं तक सीमित रखा है।
दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये की मदद
अगर कोई परिवार दो किलोवाट का सोलर संयंत्र लगवाता है तो उसे केंद्र से 60 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। बिहार सरकार की ओर से इसमें 20 हजार रुपये और जोड़े जाएंगे। यानी कुल 80 हजार रुपये की मदद मिलेगी। वहीं एक किलोवाट के संयंत्र पर कुल 40 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इस हिसाब से परिवार अपनी बिजली की जरूरत और घर की छत पर उपलब्ध जगह के अनुसार क्षमता का चुनाव कर सकते हैं।
कम ब्याज पर दो लाख रुपये तक कर्ज
सोलर संयंत्र लगाने के लिए सिर्फ सरकारी सहायता ही उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बैंक से कम ब्याज पर कर्ज लेने की सुविधा भी दी जा रही है। तीन किलोवाट तक की क्षमता वाले सोलर संयंत्र के लिए बिना गारंटी के दो लाख रुपये तक का कर्ज 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जा सकता है। इससे उन परिवारों को भी राहत मिल सकती है, जिनके पास सरकारी सहायता मिलने के बाद भी बाकी रकम एक साथ देने की सुविधा नहीं है।
26 हजार घरों में लग चुका है सोलर
बिहार में घरों की छत पर सोलर संयंत्र लगाने का काम पहले से चल रहा है। राज्य में अब तक करीब 26 हजार उपभोक्ताओं के परिसरों पर कंपनियों की ओर से रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। अब केंद्र की सहायता के साथ राज्य सरकार की अतिरिक्त मदद मिलने से इस अभियान को और तेजी मिलने की उम्मीद है।
बिजली का खर्च घटाने पर जोर
घर की छत पर सोलर संयंत्र लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकता है। इससे सामान्य परिस्थितियों में बिजली के बिल में कमी आने की संभावना रहती है। सरकार का जोर भी यही है कि ज्यादा से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा से जुड़ें और बिजली पर होने वाले अपने मासिक खर्च को कम कर सकें।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश
राज्य सरकार इस फैसले को केवल बिजली खर्च घटाने की योजना के तौर पर नहीं देख रही है। इसके जरिए स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की भी कोशिश की जा रही है। घरों की खाली छतों का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होने से सौर ऊर्जा का दायरा बढ़ सकता है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया बड़ा कदम
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र की सहायता के अलावा राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का फैसला स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, ताकि वे अपनी बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा खुद पूरा कर सकें और बिजली खर्च में बचत का फायदा उठा सकें।
योजना की लगातार होगी समीक्षा
ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के काम को और गति मिलेगी। विभाग योजना के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा करेगा, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर सहायता मिल सके और राज्य में छतों पर सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सके।
घर की छत अब बिजली बचाने का जरिया बनेगी
बिहार सरकार के इस फैसले का सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जो लंबे समय से अपने घर पर सोलर पैनल लगाने की सोच रहे थे, लेकिन शुरुआती खर्च देखकर पीछे हट रहे थे। केंद्र और राज्य की सहायता को जोड़ने पर एक किलोवाट से लेकर तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले संयंत्र पर मिलने वाली मदद काफी बढ़ जाती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे ज्यादा परिवार आगे आएंगे और बिहार में घरों की छतें बिजली पैदा करने का जरिया बनेंगी।
अब आवेदन करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात
राज्य की अतिरिक्त सहायता अधिकतम पांच लाख पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है और इसका लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। इसलिए सोलर संयंत्र लगाने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पहले से जुटा लेनी चाहिए। बिहार सरकार का यह फैसला आने वाले समय में घरों की बिजली जरूरत और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल, दोनों को बदलने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

