By Malay Ojha | Published: 19 August 2026 at 03:32 PM
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राजभवन मार्च को लेकर बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजभवन मार्च जनसमर्थन दिखाने का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि तेजस्वी यादव की राजनीतिक पकड़ बचाने की एक और कोशिश बनकर रह गया। सरावगी ने दावा किया कि मार्च में न तो अपेक्षा के मुताबिक भीड़ दिखाई दी और न ही कार्यकर्ताओं में खास उत्साह नजर आया।
संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस युवा शक्ति और आम लोगों के समर्थन की लगातार बात करते हैं, उसकी तस्वीर राजभवन मार्च में दिखाई नहीं दी। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम में छात्रों, आम लोगों और राजद कार्यकर्ताओं की वैसी भागीदारी नहीं दिखी, जैसा विपक्षी दल की ओर से दावा किया जा रहा था।
तेजस्वी की राजनीति पर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव की राजनीति अब जनता के मुद्दों के बजाय सरकार के विरोध और आरोपों तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा रोजगार, अच्छी पढ़ाई, बेहतर अवसर और राज्य में विकास चाहते हैं। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि इन मुद्दों को लेकर तेजस्वी यादव का ठोस रोडमैप क्या है।
‘सिर्फ मार्च से जनता का भरोसा नहीं मिलेगा’
सरावगी ने कहा कि राजनीति में केवल विरोध प्रदर्शन करने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, आज मतदाता नेताओं के काम, उनके वादों और उनके नतीजों को देखकर फैसला करता है। इसलिए तेजस्वी यादव को बार-बार मार्च निकालने के बजाय जनता के बीच जाकर अपने काम और अपने वादों का हिसाब देना चाहिए।
राजद के संगठन पर भी निशाना
भाजपा नेता ने राजद के संगठन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और संगठन को लेकर सवाल उठ रहे हों, उसे पहले अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए। सरावगी ने राजभवन मार्च को राजद की राजनीतिक बेचैनी का नतीजा बताते हुए कहा कि पार्टी को अपनी जमीन मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर घेरा
संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या ठोस काम किया। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा अब केवल भाषण नहीं सुनना चाहता, बल्कि नौकरी, अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर चाहता है।
‘जनता अब काम और नतीजे देखती है’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की राजनीति में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, जनता अब केवल नारों और राजनीतिक प्रदर्शन से प्रभावित नहीं होती। लोग यह देखना चाहते हैं कि सरकार और राजनीतिक दलों ने उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए क्या किया। इसी आधार पर जनता नेताओं का मूल्यांकन कर रही है।
विकास की राजनीति का दावा
सरावगी ने कहा कि बिहार अब केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन, रोजगार, शिक्षा, निवेश और बेहतर भविष्य चाहती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि जनता का भरोसा विकास की राजनीति पर मजबूत हो रहा है।
तेजस्वी को दी राजनीतिक सलाह
संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को ‘मार्च की राजनीति’ से आगे निकलकर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए सरकार से सवाल पूछना जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए क्या काम किए गए और आगे बिहार के लिए क्या योजना है।
राजभवन मार्च पर भाजपा का सियासी वार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अंत में कहा कि राजभवन मार्च को राजद भले ही अपनी ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देख रहा हो, लेकिन भाजपा की नजर में यह तेजस्वी यादव की घटती राजनीतिक स्वीकार्यता का संकेत है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब केवल भाषण, नारे और प्रदर्शन नहीं, बल्कि काम और उसके नतीजे देखना चाहती है।
सरावगी का सीधा संदेश
संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की बदली हुई राजनीतिक स्थिति को समझना होगा। उनके मुताबिक, केवल सरकार के खिलाफ माहौल बनाने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। जनता के बीच जाकर उनके सवालों का जवाब देना और विकास को लेकर स्पष्ट सोच रखना ही राजनीति में लंबे समय तक जगह बनाने का रास्ता है।
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