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गर्भपात के बाद गर्भाशय में हुआ छेद, पेट में फैल गया संक्रमण; फोर्ड अस्पताल में जटिल ऑपरेशन से बची महिला की जान

By Malay Ojha | Published: 27 October 2026 at 05:01 PM

पटना। गर्भपात के बाद 29 वर्षीय महिला के पेट में संक्रमण फैल गया। गर्भाशय में छेद होने से मवाद पेट के कई हिस्सों में जमा हो गया और संक्रमण आंतों व पेरिटोनियम तक पहुंच गया। गंभीर हालत में फोर्ड अस्पताल लाई गई समस्तीपुर के जहांगीरपुर की रूना कुमारी (बदला हुआ नाम) की डॉक्टरों की टीम ने जटिल सर्जरी कर जान बचाई।

गर्भाशय में मिला करीब 2 सेंटीमीटर का छेद
फोर्ड अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जागृति भारद्वाज के नेतृत्व में डॉ. आलोक कुमार और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रवि की टीम ने महिला का ऑपरेशन किया। मरीज की हालत को देखते हुए संक्रमण की गंभीरता और उसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए लेप्रोस्कोपी से सर्जरी करने का फैसला लिया गया।

पेट में कई जगह जमा था मवाद
डॉ. जागृति भारद्वाज के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पेट के अंदर कई जगह मवाद जमा मिला। जांच में गर्भाशय में करीब दो सेंटीमीटर का छेद भी सामने आया। संक्रमण गर्भाशय तक सीमित नहीं था, बल्कि आंतों और पेरिटोनियम तक फैल चुका था। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रित करना और प्रभावित हिस्सों की मरम्मत करना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी।

गर्भाशय के साथ अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब भी निकालने पड़े
डॉक्टरों ने संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए गर्भाशय, दोनों अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब निकाल दिए। इसके साथ ही पेट में जमा मवाद की सफाई की गई और जरूरत के मुताबिक प्रभावित हिस्सों की मरम्मत की गई। जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दूसरे केंद्र पर गर्भपात के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों के अनुसार, महिला ने दूसरे केंद्र पर गर्भपात कराया था। इसके बाद ऑपरेशन के टांके खुलने से उसकी हालत बिगड़ गई। उसे पहले एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चौथे दिन फोर्ड अस्पताल रेफर किया गया। यहां पहुंचने तक संक्रमण गंभीर रूप ले चुका था। डॉक्टरों की टीम ने स्थिति का आकलन कर तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया।

यह मामला गर्भपात के बाद किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने के महत्व को भी सामने लाता है। तेज पेट दर्द, बुखार, असामान्य रक्तस्राव या तबीयत तेजी से बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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गर्भपात के बाद गर्भाशय में हुआ छेद, पेट में फैल गया संक्रमण; फोर्ड अस्पताल में जटिल ऑपरेशन से बची महिला की जान

By Malay Ojha | Published: 27 October 2026 at 05:01 PM

पटना। गर्भपात के बाद 29 वर्षीय महिला के पेट में संक्रमण फैल गया। गर्भाशय में छेद होने से मवाद पेट के कई हिस्सों में जमा हो गया और संक्रमण आंतों व पेरिटोनियम तक पहुंच गया। गंभीर हालत में फोर्ड अस्पताल लाई गई समस्तीपुर के जहांगीरपुर की रूना कुमारी (बदला हुआ नाम) की डॉक्टरों की टीम ने जटिल सर्जरी कर जान बचाई।

गर्भाशय में मिला करीब 2 सेंटीमीटर का छेद
फोर्ड अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जागृति भारद्वाज के नेतृत्व में डॉ. आलोक कुमार और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रवि की टीम ने महिला का ऑपरेशन किया। मरीज की हालत को देखते हुए संक्रमण की गंभीरता और उसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए लेप्रोस्कोपी से सर्जरी करने का फैसला लिया गया।

पेट में कई जगह जमा था मवाद
डॉ. जागृति भारद्वाज के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पेट के अंदर कई जगह मवाद जमा मिला। जांच में गर्भाशय में करीब दो सेंटीमीटर का छेद भी सामने आया। संक्रमण गर्भाशय तक सीमित नहीं था, बल्कि आंतों और पेरिटोनियम तक फैल चुका था। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रित करना और प्रभावित हिस्सों की मरम्मत करना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी।

गर्भाशय के साथ अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब भी निकालने पड़े
डॉक्टरों ने संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए गर्भाशय, दोनों अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब निकाल दिए। इसके साथ ही पेट में जमा मवाद की सफाई की गई और जरूरत के मुताबिक प्रभावित हिस्सों की मरम्मत की गई। जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दूसरे केंद्र पर गर्भपात के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों के अनुसार, महिला ने दूसरे केंद्र पर गर्भपात कराया था। इसके बाद ऑपरेशन के टांके खुलने से उसकी हालत बिगड़ गई। उसे पहले एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चौथे दिन फोर्ड अस्पताल रेफर किया गया। यहां पहुंचने तक संक्रमण गंभीर रूप ले चुका था। डॉक्टरों की टीम ने स्थिति का आकलन कर तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया।

यह मामला गर्भपात के बाद किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने के महत्व को भी सामने लाता है। तेज पेट दर्द, बुखार, असामान्य रक्तस्राव या तबीयत तेजी से बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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