By Malay Ojha | Published: 27 August 2026 at 05:42 PM
वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद–खेल की बात PM के साथ’ कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। एम. एल. जुत्सी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बीएड, एमएड और पीएचडी के विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस पहल में 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों को जोड़ा गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल को केवल पदक जीतने या प्रतियोगिता तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। खेल व्यक्ति को हार के बाद संभलने, दोबारा कोशिश करने और लगातार आगे बढ़ने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैदान में जिस तरह संघर्ष और अनुशासन से आगे बढ़ता है, वही भावना जीवन की दूसरी चुनौतियों से निपटने में भी काम आती है।
पैरा खिलाड़ियों के संघर्ष का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उनके हौसले और संघर्ष को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने खेल को बेहतर स्वास्थ्य, फिटनेस और अच्छी जीवनशैली से जोड़ते हुए युवाओं को नशे जैसी चुनौतियों से दूर रखने में इसकी भूमिका पर भी जोर दिया। पीएम ने खेल के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह धीरे-धीरे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहा है।
स्कूलों में खेल को मिले ज्यादा जगह
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल को स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई से अलग किसी गतिविधि की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इसे बच्चों के जीवन का जरूरी हिस्सा बनाने की जरूरत है। उनके मुताबिक खेल के लिए बेहतर माहौल मिलने से विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने आती है और खेल को करियर के तौर पर चुनने वाले युवाओं को परिवार तथा समाज का सहयोग भी मिलता है।
शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों के लिए रहा खास संदेश
शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री का यह संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि यहां मौजूद कई विद्यार्थी भविष्य में शिक्षक के रूप में विद्यालयों से जुड़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान खेल और शिक्षा के बीच संबंध, अनुशासन, फिटनेस, व्यक्तित्व विकास तथा जीवन-मूल्यों पर विशेष ध्यान रहा। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि विद्यालयी शिक्षा में खेल को केवल मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के हिस्से के रूप में कैसे देखा जा सकता है।
प्रो. सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा संकाय के प्रमुख प्रो. सुनील कुमार सिंह के प्रोत्साहन और मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन एवं समन्वय में प्रो. संजय, डॉ. सोमू सिंह, डॉ. आकाश रंजन, डॉ. मुदित और डॉ. प्रतीक की भूमिका रही। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की उपस्थिति और प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन के प्रसारण की व्यवस्था संभाली।
देशभर के युवाओं को जोड़ने की पहल
‘खेलो इंडिया संवाद–खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ का उद्देश्य युवाओं, खिलाड़ियों और शिक्षण संस्थानों को खेलों के भविष्य पर संवाद के लिए एक मंच से जोड़ना है। केंद्र सरकार के अनुसार इस पहल में खेल सुविधाओं, प्रतिभा पहचान, 2036 ओलंपिक की तैयारी, युवा नेतृत्व और कौशल विकास जैसे विषयों को भी महत्व दिया गया।
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