By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 07:28 PM
घरेलू रसोई गैस की कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी होने के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल ने गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने के फैसले को आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि कुछ ही महीनों के भीतर लगातार हुई कीमत वृद्धि से गरीब, मजदूर, किसान, छात्र और महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हालिया 29 रुपये की वृद्धि आम परिवारों के बजट पर सीधा असर डालेगी। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू गैस के दामों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण रसोई चलाना आम परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
छोटे और व्यावसायिक सिलेंडर दोनों पर बढ़ा दबाव
राजद नेता ने कहा कि केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडर का उपयोग करने वाले गरीब परिवार, मजदूर और छात्र भी महंगाई की मार झेल रहे हैं। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से होटल, भोजनालय और छोटे कारोबार संचालकों की लागत लगातार बढ़ रही है। इसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
चुनाव खत्म होते ही बढ़ने लगे दाम: एजाज अहमद
एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल था तब केंद्र सरकार यह दावा कर रही थी कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में किस्तों में बढ़ोतरी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि यह आम जनता के हितों के विपरीत फैसला है और इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पेट्रोलियम कंपनियों के मुनाफे पर उठाए सवाल
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब पेट्रोलियम कंपनियां पहले से ही मुनाफे में हैं तो एलपीजी की कीमतों में बार-बार वृद्धि क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों की बजाय कंपनियों के हितों को अधिक महत्व दे रही है। उनके अनुसार बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर निम्न और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
किसानों, छात्रों और महिलाओं पर असर का दावा
राजद नेताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें केवल घरेलू खर्च तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका प्रभाव किसानों, छात्रों और महिलाओं पर भी पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए मूल्य वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की।
सुरक्षा विवाद पर भी गरमाई राजनीति
इधर, दूसरे दिन भी राजद के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पहुंचे और पार्टी नेतृत्व के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान नेताओं ने राज्य सरकार पर विपक्षी नेताओं के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था को राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने के मामले में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है। उनके अनुसार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर राजनीतिक बदले की भावना से फैसले लिए जा रहे हैं। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों के नेताओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

