By Malay Ojha | Published: 06 June 2026 at 08:44 PM
पटना में कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे के मामले में चर्चित शिक्षक खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही है, जबकि दूसरी ओर उनके वकील कानूनी राहत की कोशिशों में जुटे हैं। शनिवार तक न तो सरेंडर हो सका और न ही अदालत से कोई राहत मिली। अब पूरे मामले की निगाहें सोमवार पर टिक गई हैं, जब अदालत खुलने के बाद इस केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है।
पटना पुलिस ने फायरिंग मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्हें ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनके आधार पर खान सर को मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस की टीम लगातार उनकी लोकेशन तलाशने में लगी हुई है। इस बीच उनकी गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
जमानत और सरेंडर को लेकर बढ़ा सस्पेंस
खान सर की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अग्रिम जमानत की तैयारी की गई है, जबकि सरेंडर की संभावना को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। हालांकि शनिवार तक इनमें से कोई भी कदम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया। ऐसे में सवाल यही है कि अदालत खुलने तक उन्हें राहत मिलती है या नहीं।
फायरिंग के वीडियो ने बदल दी पूरी कहानी
यह पूरा विवाद दो जून की रात हुई घटना के बाद शुरू हुआ। उस समय जानकारी सामने आई थी कि खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ हुई है। शुरुआती दौर में कोचिंग संस्थान को पीड़ित पक्ष माना जा रहा था और पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।
जांच के दौरान आया बड़ा मोड़
मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा। जांच एजेंसियों के अनुसार वीडियो में कोचिंग संस्थान से जुड़े सुरक्षाकर्मी हथियार चलाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लेकर उनके हथियार जब्त कर लिए और पूछताछ शुरू की।
गार्डों के बयान के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले बयानों के आधार पर खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसी के बाद जांच का रुख पूरी तरह बदल गया। जो व्यक्ति पहले हमले का शिकार बताया जा रहा था, वह खुद जांच के केंद्र में आ गया।
बचाव पक्ष का क्या है तर्क?
खान सर से जुड़े लोगों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा की स्थिति में कार्रवाई की थी। उनका पक्ष है कि घटना की पूरी सच्चाई अदालत और जांच प्रक्रिया के दौरान सामने आएगी। बचाव पक्ष कानूनी माध्यमों से आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रहा है।
राजनीति में भी पहुंचा मामला
जैसे-जैसे यह विवाद बढ़ा, वैसे-वैसे राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने तरीके से बयान दिए हैं। कुछ लोग खान सर के समर्थन में नजर आए, जबकि कुछ ने कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
पैतृक गांव में भी चर्चा का विषय बना विवाद
यह मामला अब केवल पटना तक सीमित नहीं रह गया है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले स्थित खान सर के पैतृक गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके समर्थन में हैं तो कुछ आलोचनात्मक रुख अपनाए हुए हैं।
सोमवार को सामने आ सकता है बड़ा घटनाक्रम
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अदालत खुलने के बाद अगला कदम क्या होगा। पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है और कानूनी टीम राहत पाने की कोशिश में लगी है। ऐसे में सोमवार इस पूरे मामले के लिए निर्णायक दिन साबित हो सकता है। यदि अदालत से राहत नहीं मिलती है तो खान सर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

