By Malay Ojha | Published: 28 June 2026 at 04:42 PM
पटना में रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने रिशु श्री मामले से लेकर सरकारी जमीन की लीज और कथित वित्तीय गड़बड़ियों तक कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार के सामने 20 सवाल रखे और कहा कि राज्य में बड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लंबे समय से एक ही गठबंधन की सरकार है, लेकिन भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे मामलों में छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई दिखाई जाती है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों तक जांच नहीं पहुंचती।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा और सरकारी खजाने पर भ्रष्टाचार का बोझ बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक, जवाबदेही तय करने के बजाय कई मामलों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
रिशु श्री मामले पर उठाए गंभीर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने रिशु श्री मामले का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक छोटे ठेकेदार को आखिर कई विभागों में टेंडर कैसे मिलते चले गए।
उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में संरक्षण मिलने जैसी बातें सामने आई हैं। साथ ही पूछा कि अगर जांच में कई बातें सामने आई हैं तो फिर कथित बड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया।
जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य की जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही हैं। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों में असली दोषियों तक पहुंचने के बजाय जांच सीमित दायरे में रखी जाती है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगते हैं, वे प्रभाव और पहुंच के कारण कार्रवाई से बच जाते हैं। इससे लोगों का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक प्रभाव होने का दावा
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का प्रभाव मुख्यमंत्री कार्यालय तक बना हुआ है। यही वजह है कि बड़े मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है और कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच आगे नहीं बढ़ती।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो उसे बड़े लोगों के खिलाफ भी उसी तरह कार्रवाई करनी चाहिए, जैसी छोटे अधिकारियों पर की जाती है।
सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में फैसले किस तरह लिए जा रहे हैं, इस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है और जनता को वास्तविक स्थिति नहीं बताई जा रही।
सरकारी जमीन की लीज पर भी उठे सवाल
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन को बहुत कम दर पर लंबे समय के लिए लीज पर दिया जा रहा है। उन्होंने बांस घाट स्थित शवदाह गृह और उससे जुड़े कर संबंधी मामलों का भी जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उनका कहना था कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और सरकार को सभी सवालों का खुलकर जवाब देना चाहिए।
नीतीश कुमार पर तीखा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने उन्हें भ्रष्टाचार का “भीष्म पितामह” बताते हुए कहा कि राज्य में सामने आए कई मामलों में अब तक बड़े लोगों की जवाबदेही तय नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि जिन मामलों पर सवाल उठ रहे हैं, उनमें आखिर कार्रवाई कब होगी और सरकार उनके 20 सवालों का क्या जवाब देगी।
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