National

spot_img

सस्ते स्मार्टफोन क्यों हो रहे महंगे? 10 हजार वाला फोन अब पहुंच से बाहर, जानिए AI का कनेक्शन

By Malay Ojha | Published: 26 October 2026 at 10:22 AM

स्मार्टफोन खरीदने के लिए अगर आपका बजट 10 से 12 हजार रुपये है, तो पसंद का फोन तलाशने में पहले से ज्यादा मशक्कत करनी पड़ सकती है। जिस कीमत में कुछ साल पहले अच्छे फीचर्स वाला मोबाइल मिल जाता था, अब उसी बजट में समझौता करना पड़ सकता है। कहीं रैम और स्टोरेज कम मिल रही है, तो कहीं बेहतर फीचर्स वाले फोन की कीमत बढ़ गई है।

इस बदलाव के पीछे सिर्फ महंगाई या मोबाइल कंपनियों की कीमतें बढ़ाने की रणनीति नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती मांग ने मेमोरी चिप्स के बाजार पर दबाव बढ़ाया है। AI चलाने वाले बड़े डेटा सेंटर को भारी मात्रा में मेमोरी की जरूरत है। ऐसे में चिप निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका असर आम स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली रैम और स्टोरेज की उपलब्धता और लागत पर भी पड़ रहा है।

AI की बढ़ती मांग से क्यों महंगे हो रहे हैं मोबाइल?
AI आधारित सेवाओं के विस्तार के लिए दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इन सेंटरों में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) समेत कई तरह की मेमोरी चिप्स का इस्तेमाल होता है। वहीं, स्मार्टफोन में रैम और डेटा स्टोर करने के लिए DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी की जरूरत पड़ती है।

ये सभी उत्पाद एक जैसे नहीं हैं, लेकिन इनके उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी क्षमता पर बढ़ती मांग का असर पड़ सकता है। जब चिप निर्माता कंपनियां AI से जुड़े कारोबार को ज्यादा प्राथमिकता देती हैं, तो दूसरे उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

बजट स्मार्टफोन की कीमत पर सबसे ज्यादा असर
मोबाइल की कीमत बढ़ने का असर हर ग्राहक पर एक जैसा नहीं पड़ता। महंगे फोन खरीदने वालों के पास अधिक विकल्प होते हैं, लेकिन 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए थोड़ी सी बढ़ोतरी भी मायने रखती है।

इस श्रेणी में फोन खरीदने वाले छात्र, छोटे दुकानदार, मजदूर और कम आय वाले परिवार अक्सर कीमत के साथ रैम, स्टोरेज, बैटरी और 5G सपोर्ट जैसे फीचर्स भी देखते हैं। अगर कीमत बढ़ती है, तो उन्हें या तो कम फीचर्स वाला फोन चुनना पड़ता है या फिर खरीदारी कुछ समय के लिए टालनी पड़ती है।

कंपनियों के सामने भी आसान नहीं है रास्ता
स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के लिए मेमोरी की बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती है। बजट फोन में कीमत को कम रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इस बाजार में ग्राहक छोटी-छोटी कीमतों की तुलना भी करते हैं।

ऐसे में कंपनियों के पास कीमत बढ़ाने, कम रैम और स्टोरेज वाले वेरिएंट पेश करने या दूसरे फीचर्स में बदलाव करने जैसे विकल्प बचते हैं। इसका असर नए फोन के मॉडल और उनकी कीमतों पर दिखाई दे सकता है। ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एक ही मॉडल के अलग-अलग वेरिएंट की कीमत और उपलब्धता अलग हो सकती है।

पुराने फोन चलाने और सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने का बढ़ सकता है चलन
नए स्मार्टफोन महंगे होने पर कई ग्राहक अपने पुराने फोन को कुछ और समय तक इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। कुछ लोग सेकंड-हैंड या रिफर्बिश्ड फोन की तरफ भी रुख करते हैं।

हालांकि, इस्तेमाल किया हुआ फोन खरीदते समय उसकी बैटरी, डिस्प्ले, नेटवर्क सपोर्ट, मरम्मत का इतिहास और बिल की जांच करना जरूरी है। केवल कम कीमत देखकर फोन खरीदना बाद में महंगा सौदा साबित हो सकता है।

महंगा मोबाइल सिर्फ जेब का नहीं, डिजिटल पहुंच का भी सवाल
आज स्मार्टफोन केवल कॉल करने या वीडियो देखने का जरिया नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कई जरूरी सेवाओं तक पहुंचने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ती है।

ऐसे में अगर कम कीमत वाले अच्छे स्मार्टफोन की उपलब्धता घटती है, तो सीमित बजट वाले परिवारों के लिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल मुश्किल हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए, जिनकी रोजमर्रा की जरूरतें मोबाइल पर निर्भर हैं।

कब सस्ते होंगे स्मार्टफोन?
मोबाइल की कीमतें कब कम होंगी, इसका जवाब काफी हद तक मेमोरी चिप्स की सप्लाई, उनकी वैश्विक कीमतों और स्मार्टफोन कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगा। अगर मेमोरी की लागत लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है, तो बजट फोन के बाजार में भी दबाव बना रह सकता है।

भारत में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ सप्लाई चेन मजबूत करना और किफायती फोन के विकल्प बनाए रखना जरूरी है। फिलहाल, नया मोबाइल खरीदने वालों के लिए बेहतर होगा कि वे केवल ब्रांड या विज्ञापन के बजाय अपनी जरूरत, कुल कीमत, रैम-स्टोरेज और सॉफ्टवेयर अपडेट की अवधि को देखकर फैसला लें।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

सस्ते स्मार्टफोन क्यों हो रहे महंगे? 10 हजार वाला फोन अब पहुंच से बाहर, जानिए AI का कनेक्शन

By Malay Ojha | Published: 26 October 2026 at 10:22 AM

स्मार्टफोन खरीदने के लिए अगर आपका बजट 10 से 12 हजार रुपये है, तो पसंद का फोन तलाशने में पहले से ज्यादा मशक्कत करनी पड़ सकती है। जिस कीमत में कुछ साल पहले अच्छे फीचर्स वाला मोबाइल मिल जाता था, अब उसी बजट में समझौता करना पड़ सकता है। कहीं रैम और स्टोरेज कम मिल रही है, तो कहीं बेहतर फीचर्स वाले फोन की कीमत बढ़ गई है।

इस बदलाव के पीछे सिर्फ महंगाई या मोबाइल कंपनियों की कीमतें बढ़ाने की रणनीति नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती मांग ने मेमोरी चिप्स के बाजार पर दबाव बढ़ाया है। AI चलाने वाले बड़े डेटा सेंटर को भारी मात्रा में मेमोरी की जरूरत है। ऐसे में चिप निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका असर आम स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली रैम और स्टोरेज की उपलब्धता और लागत पर भी पड़ रहा है।

AI की बढ़ती मांग से क्यों महंगे हो रहे हैं मोबाइल?
AI आधारित सेवाओं के विस्तार के लिए दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इन सेंटरों में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) समेत कई तरह की मेमोरी चिप्स का इस्तेमाल होता है। वहीं, स्मार्टफोन में रैम और डेटा स्टोर करने के लिए DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी की जरूरत पड़ती है।

ये सभी उत्पाद एक जैसे नहीं हैं, लेकिन इनके उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी क्षमता पर बढ़ती मांग का असर पड़ सकता है। जब चिप निर्माता कंपनियां AI से जुड़े कारोबार को ज्यादा प्राथमिकता देती हैं, तो दूसरे उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

बजट स्मार्टफोन की कीमत पर सबसे ज्यादा असर
मोबाइल की कीमत बढ़ने का असर हर ग्राहक पर एक जैसा नहीं पड़ता। महंगे फोन खरीदने वालों के पास अधिक विकल्प होते हैं, लेकिन 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए थोड़ी सी बढ़ोतरी भी मायने रखती है।

इस श्रेणी में फोन खरीदने वाले छात्र, छोटे दुकानदार, मजदूर और कम आय वाले परिवार अक्सर कीमत के साथ रैम, स्टोरेज, बैटरी और 5G सपोर्ट जैसे फीचर्स भी देखते हैं। अगर कीमत बढ़ती है, तो उन्हें या तो कम फीचर्स वाला फोन चुनना पड़ता है या फिर खरीदारी कुछ समय के लिए टालनी पड़ती है।

कंपनियों के सामने भी आसान नहीं है रास्ता
स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के लिए मेमोरी की बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती है। बजट फोन में कीमत को कम रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इस बाजार में ग्राहक छोटी-छोटी कीमतों की तुलना भी करते हैं।

ऐसे में कंपनियों के पास कीमत बढ़ाने, कम रैम और स्टोरेज वाले वेरिएंट पेश करने या दूसरे फीचर्स में बदलाव करने जैसे विकल्प बचते हैं। इसका असर नए फोन के मॉडल और उनकी कीमतों पर दिखाई दे सकता है। ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एक ही मॉडल के अलग-अलग वेरिएंट की कीमत और उपलब्धता अलग हो सकती है।

पुराने फोन चलाने और सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने का बढ़ सकता है चलन
नए स्मार्टफोन महंगे होने पर कई ग्राहक अपने पुराने फोन को कुछ और समय तक इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। कुछ लोग सेकंड-हैंड या रिफर्बिश्ड फोन की तरफ भी रुख करते हैं।

हालांकि, इस्तेमाल किया हुआ फोन खरीदते समय उसकी बैटरी, डिस्प्ले, नेटवर्क सपोर्ट, मरम्मत का इतिहास और बिल की जांच करना जरूरी है। केवल कम कीमत देखकर फोन खरीदना बाद में महंगा सौदा साबित हो सकता है।

महंगा मोबाइल सिर्फ जेब का नहीं, डिजिटल पहुंच का भी सवाल
आज स्मार्टफोन केवल कॉल करने या वीडियो देखने का जरिया नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कई जरूरी सेवाओं तक पहुंचने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ती है।

ऐसे में अगर कम कीमत वाले अच्छे स्मार्टफोन की उपलब्धता घटती है, तो सीमित बजट वाले परिवारों के लिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल मुश्किल हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए, जिनकी रोजमर्रा की जरूरतें मोबाइल पर निर्भर हैं।

कब सस्ते होंगे स्मार्टफोन?
मोबाइल की कीमतें कब कम होंगी, इसका जवाब काफी हद तक मेमोरी चिप्स की सप्लाई, उनकी वैश्विक कीमतों और स्मार्टफोन कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगा। अगर मेमोरी की लागत लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है, तो बजट फोन के बाजार में भी दबाव बना रह सकता है।

भारत में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ सप्लाई चेन मजबूत करना और किफायती फोन के विकल्प बनाए रखना जरूरी है। फिलहाल, नया मोबाइल खरीदने वालों के लिए बेहतर होगा कि वे केवल ब्रांड या विज्ञापन के बजाय अपनी जरूरत, कुल कीमत, रैम-स्टोरेज और सॉफ्टवेयर अपडेट की अवधि को देखकर फैसला लें।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES